सरकारों महकमों में धूम्रपान करना पड़ेगा भारी
No Smoking: देश के ज्यादातर सरकारी ऑफिस में किस कदर गंदगी होती है ये किसी से छिपा नहीं। जहां सरकारी बाबू बैठते है वहीं पान की पीक थूककर सफेद फर्श को लाल बना देते है तो कोई सरकारी ऑफिस में मौज से बीडी या सिगरेट का कश लगाकर दूसरे के मुंह पर जहरीला धुंआ छोड़ देता है। लेकिन अब झारखंड में इस तरह की हरकत करने वालों की खैर नहीं।
No Smoking: दफ्तर में कश लगाने वालों को सीएम की वार्निंग
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया है कि सरकारी दफ्तरों में ऐसी गतिविधियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इस बारे में साफ तौर पर चेतावनी दी है कि अगर कोई कर्मचारी कार्यालय परिसर में धूम्रपान करता पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने से परहेज नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस रुख के बाद राज्य के सरकारी महकमों में सनसनी सी फैल गई है।
No Smoking: धूम्रपान करना पड़ेगा महंगा
इस निर्देश को अनदेखा करने की गलती महंगी पड़ सकती है। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर प्रखंड दफ्तर में एक जनसेवक को धूम्रपान करते हुए पकड़े जाने पर तुरंत सस्पेंड कर दिया गया। जनसेवक जगमोहन सोरेन का एक वीडियो वायरल हो गया, जिसमें वो दफ्तर की मेज पर बैठे सिगरेट पीते नजर आ रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि जगमोहन सोरेन कितनी बेफिक्री से धुएं के छल्ले बना रहा है, जैसे कि वो किसी ऑफिस में नहीं बल्कि अपनी खाला के घर में बैठा हो।
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No Smoking: वीडियो हुआ वायरल तो हो गई कार्रवाई
यह वीडियो 5 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर साझा किया था। युवक ने इस पोस्ट में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी टैग किया और तत्काल एक्शन की मांग कर डाली। मुख्यमंत्री ने इस वीडियो को संज्ञान में लिया और उसी दिन पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त को निर्देश जारी करते हुए कहा कि इस मामले में तुरंत कार्रवाई की जाए।
No Smoking: मुख्यमंत्री ने दिया कार्रवाई का आदेश
मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और उपायुक्त ने मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराया कि जनसेवक जगमोहन सोरेन को झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2016 की कंडिका 9(क) के तहत तत्काल प्रभाव से सस्पेंड दिया गया है। उप विकास आयुक्त को निर्देश दिया गया है कि वे जगमोहन सोरेन के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की विधिवत प्रक्रिया भी प्रारंभ करें ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना से बचा जा सके।
No Smoking: दफ्तर में धूम्रपान करने वाले में डर
इस पूरे मामले ने झारखंड के बाकी सरकारी दफ्तरों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए एक कड़ा संदेश दे दिया है। अब तक कई दफ्तरों में देखा जाता था कि बाबू फाइलों के बीच या चाय की चुस्की लेते हुए धूम्रपान कर लिया करते थे। कई जगह तो दफ्तर के भीतर ही कर्मचारी सिगरेट पीते हुए बातचीत करते नजर आते थे। मगर अब मुख्यमंत्री का साफ निर्देश है और इस सस्पेंशन के बाद सरकारी कर्मचारियों को सतर्क रहना होगा।
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No Smoking: सरकारी दफ्तर जनता की सेवा के लिए
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मामले से बिल्कुल साफ कहा कि सरकारी दफ्तर जनता की सेवा के लिए हैं, इस प्रकार वहां कोई गतिविधियां न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि सरकार की गरिमा से भी खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कोई किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे।
साथ ही स्वास्थ्य विभाग भी इस अभियान में जुट गया है। तमाम विभाग ने सभी जिलों को निर्देश जारी किए हैं कि सरकारी दफ्तरों में ‘नो स्मोकिंग’ बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाए जाएं और इस पर नजर भी रखी जाए। जिला स्तर पर अधिकारियों को इसकी जवाबदेही सौंपी गई है।