बिहार विधानसभा चुनाव जैसे जैसे नजदीक आ रहे है वैसे वैसे लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. जहां एक तरफ सभी प्रमुख दल अपनी अपनी ताल ठोकने में लगे हैं, वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग भी निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए तैयार दिख रहा है.
चुनाव आयोग की टीम पटना पहुंची
आज ही चुनाव आयोग की 9 सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम पटना पहुंची, जो अगले 3 दिनों तक चुनाव प्रक्रिया, सुरक्षा बंदोबस्त और बूथ की समीक्षा करेगी. इस दौरान आयोग की टीम राज्य चुनाव आयोग के अधिकारियों के अलावा, सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों से भी बात करेगी.
चुनाव तैयारी की समीक्षा के लिए बिहार में चुनाव आयोग की टीम
बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज
- चुनाव आयोग की टीम पहुंची पटना
- निष्पक्ष चुनाव के लिए राज्यभर में जांच
- 9 सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम का पटना से शुरू हुआ दौरा
- हर जिले की तैयारियों पर पैनी नजर
- राज्य बंटा चार जोन में पटना | बेगूसराय | मोतिहारी | पूर्णिया
- चार जोनों में होगी अलग-अलग बैठक
- DM-SP से सुरक्षा पर बातचीत
- राजनीतिक दलों से संवाद
- वोटर लिस्ट पर सुझाव आमंत्रित
- 25 जून से 26 जुलाई तक विशेष अभियान
चार प्रमंडल, चार समीक्षा बैठकें
राज्य को चार प्रमुख भागों – पटना, बेगूसराय, मोतिहारी और पूर्णिया – में बांटते हुए आयोग की टीमें प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी और निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ चुनावी तैयारियों पर प्रशिक्षण और समीक्षा बैठकें कर रही है. इसका मकसद ज़मीनी स्तर पर निर्वाचन तंत्र को मजबूत बनाना है.
राजनीतिक दलों से संवाद तेज
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल राज्यस्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर चुके हैं उन्हें 25 जून से 26 जुलाई तक चलने वाले घर-घर मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की सूचना दी. सभी राजनीतिक पार्टियों से अनुरोध किया गया है कि वे जिलास्तरीय बैठकों में शिरकत करे ताकि उनके सुझावों को भी शामिल किया जा सके.
वोटर लिस्ट पर रहेगा फोकस
इस बार चुनाव आयोग का फोकस मतदाता सूची के युक्तिकरण (rationalization) पर भी रहेगा. सभी जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन पदाधिकारी राजनीतिक दलों के सुझावों के आधार पर ही वोटर लिस्ट की समीक्षा करेंगे ताकि हर वोटर्स को मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके.