गोपाल खेमका के मर्डर से व्यापारियों में दहशत
Gopal Khemka Murder: बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार रात जाने-माने व्यवसायी गोपाल खेमका की उनके घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई। गांधी मैदान थाना क्षेत्र में रामगुलाम चौक के पास बाइक पर आए हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम दिया। इसी परिवार में सात साल पहले उनके बेटे की भी हाजीपुर में हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद व्यवसायियों में भारी आक्रोश है।
Gopal Khemka Murder: हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस
जैसे ही इस मर्डर की सनसनी तेजी से फैली वैसे ही बिहार पुलिस हरकत में आ गई। डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि पटना और वैशाली में पुलिस की कई टीमें रातभर छापेमारी करती रहीं। अबतक दर्जनभर से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज से हमलावर की बाइक को ट्रैक कर लिया गया है, लेकिन हेलमेट पहनने से चेहरा स्पष्ट नहीं दिख पाया। जांच के लिए एसटीएफ और एसआईटी की स्पेशल टीमें भी लगाई गई हैं।
Gopal Khemka Murder: पुलिस का एक दिन में मर्डर सुलझाने का दावा
डीजीपी ने दावा किया कि एक-दो दिनों में ही इस हत्याकांड का पूरा सच सामने आ जाएगा। पुलिस ने पटना की बेउर जेल में भी तलाशी ली, जहां से तीन मोबाइल, सिम कार्ड और कई मोबाइल नंबरों वाली पर्ची जब्त की गई है।
Gopal Khemka Murder: पुरानी रंजिश की भी आशंका
पटना में हुए हत्याकांड को पुरानी रंजिश से भी जोड़ा जा रहा है। साल 2018 में जमीन विवाद में गोपाल खेमका के बेटे की भी हत्या कर दी गई थी। इसके बाद गोपाल खेमका को सुरक्षा दी गई थी, जिसे अप्रैल 2024 में वापस ले लिया गया। हालांकि उन्होंने दोबारा सुरक्षा की मांग नहीं की। इस घटना के बाद उनके डॉक्टर बेटे को भी सुरक्षा प्रदान की गई है।
Gopal Khemka Murder: कौन थे गोपाल खेमका?
गोपाल खेमका पटना के एक प्रतिष्ठित व्यवसायी थे। उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई की थी और हेल्थकेयर, कारखाने, पेट्रोल पंप जैसे कई व्यवसायों में अपना कारोबार बढ़ाया बताया जाता है कि व्यवसाय शुरुआत एक छोटी दवा दुकान “औषधि मेडिको” से हुई, बाद में उन्होंने रजेंद्र नगर, पटना में मगध अस्पताल खोला। इसके अलावा उन्होंने हाजीपुर में कार्टन फैक्ट्री, पटना में पेट्रोल पंप और कई मेडिकल स्टोर चलाए । वो राजनीति से भी जुड़े रहे लेकिन बेटे की हत्या के बाद उन्होंने राजनीति से दूरी बना ली थी
Gopal Khemka Murder: मृतक के परिवार का दर्द
मृतक के भाई शंकर खेमका ने कहा कि मेरे भाई की किसी से दुश्मनी नहीं थी। वह रोज 10 बजे ऑफिस जाते और अपने काम में मशगूल रहते थे। घटना के बाद उनके परिजन और व्यापारी समाज हर कोई दहशत में है। बिहार वाणिज्य एवं उद्योग मंडल ने इसे कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल बताया।
Gopal Khemka Murder: राजनीति में मचा घमासान
इस हत्या को लेकर बिहार की राजनीति भी गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, “पटना में थाने से महज चंद कदम की दूरी पर बड़े व्यवसायी की हत्या हो गई। राज्य में हर महीने सैकड़ों कारोबारी मारे जा रहे हैं, फिर भी इसे जंगलराज नहीं कहा जा रहा।”
Gopal Khemka Murder: राहुल गांधी ने नीतीश सरकार को घेरा
राहुल गांधी ने x पर लिखा कि पटना में व्यवसायी गोपाल खेमका की सरेआम गोली मारकर हत्या ने एक बार फिर साबित कर दिया है – भाजपा और नीतीश कुमार ने मिलकर बिहार को “भारत की क्राइम कैपिटल” बना दिया है। आज बिहार लूट, गोली और हत्या के साए में जी रहा है। अपराध यहां ‘नया नॉर्मल’ बन चुका है – और सरकार पूरी तरह नाकाम।
बिहार के भाइयों और बहनों, यह अन्याय अब और नहीं सहा जा सकता। जो सरकार आपके बच्चों की सुरक्षा नहीं कर सकती, वह आपके भविष्य की जिम्मेदारी भी नहीं ले सकती। हर हत्या, हर लूट, हर गोली – एक चीख है बदलाव की। अब वक्त है एक नए बिहार का – जहां डर नहीं, तरक्की हो।
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Gopal Khemka Murder: पप्पू यादव ने क्या कहा
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने लिखा कि इस बच्चे को क्या दिलासा दूं? सात साल पहले गोपाल खेमका जी के पुत्र गुंजन खेमका की हत्या हुई थी, उन्हें न्याय का भरोसा दिलाने गया था। अगर उस वक्त सरकार अपराधियों की साझीदार न बनकर, उनके ख़िलाफ़ कठोर कार्रवाई करती तो आज गोपाल खेमका जी की हत्या न होती! जैसे ही सूचना मिली मैं वहां पहुंचा। परइस क्रूर महा गुNDAराज में कोई सुरक्षित नहीं है, अपराधियों का अभ्यारण्य बन गया
बिहार! नीतीश जी बख़्श दीजिए बिहार को
Gopal Khemka Murder: सरकार का सख्त रुख
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस हत्याकांड को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों के साथ बैठक भी की। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर भरोसा दिलाया कि अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो मुठभेड़ भी होगी।
गोपाल खेमका की हत्या ने बिहार में कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक तरफ पुलिस दावा कर रही है कि जल्द ही हत्यारे पकड़े जाएंगे, वहीं विपक्ष सरकार पर हमलावर है। देखना होगा कि पुलिस कितनी जल्दी इस मामले को सुलझा पाती है और पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाती है।