पुलिस की मुस्तैदी से पकड़े गए जाली नोट
Fake Currency: झारखंड के गुमला ज़िले में पुलिस ने छत्तीसगढ़ से आए तीन लोगों को फर्जी नोटों के साथ गिरफ्तार कर तस्करी का खुलासा किया है। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब पुलिस ने नियमित वाहन जांच अभियान (vehicle checking drive) के दौरान एक संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी ली गई।
Fake Currency: गाड़ी में फर्जी नोट बरामद
गुमला के SP ने बताया कि Raidih थाना क्षेत्र में चेकिंग करते हुए पुलिस की तरफ से इस वाहन को रोका गया। तलाशी लेने पर पुलिस टीम को गाड़ी से कुल 260 फर्जी नोट बरामद हुए, जो सभी ₹500 के थे। इस तरह कुल जब्त नकली करंसी की राशि ₹1,30,000 बनती है।
Fake Currency: पुलिस की सूझबूझ से पकड़े गए
इस मामले के बारे में पुलिस ने बताया, “हमारी टीम वाहन चेकिंग के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नज़र रख रही थी। जब ये लोग Raidih इलाके में पहुंच गए, तो रोककर उनकी गाड़ी की तलाशी ली गई। शक होने पर जब उनके बैग भी खंगाले गए, इसी तलाशी में फर्जी नोटों का यह पूरा का पूरा जखीरा बरामद हुआ।” पुलिस तुरंत तीनों को हिरासत में लेकर थाने ले गई। आगे की पूछताछ में उन्होंने अपना नाम और पता छत्तीसगढ़ का बताया।
Fake Currency: आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार की गई:
सुघराम यादव (52 वर्ष)
गोस्वामी चौहान (42 वर्ष)
दिलीप कुमार (28 वर्ष)
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Fake Currency: पुलिस ने क्या कुछ बताया
पुलिस ने बताया कि जिन तीनों को दबोचा गया है वो तीनों ही छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं और गुमला जिले में नकली नोटों की सप्लाई करने आए थे। शुरुआती पूछताछ में उन्होंने माना कि वे इस नकली करंसी को लोकल बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों में असली नोटों की तरह खपाने की प्लानिंग कर रहे थे।
Fake Currency: क्यों है यह मामला गंभीर?
- नकली नोटों की वजह से आम जनता की गाढ़ी कमाई भी प्रभावित होती है।
- बाजार की अर्थव्यवस्था भी गड़बड़ा सकती है, क्योंकि नकली नोट धीरे-धीरे पूरे सिस्टम में फैल जाते हैं।
- अभी पुलिस आशंका जता रही है कि इसके पीछे बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा है।
Fake Currency: नकली नोटों का नेटवर्क!
पुलिस को सन्देह है कि इन तीनों का संबंध नकली नोटों के किसी न किसी बड़े गिरोह से हो सकता है, जो छत्तीसगढ़ और झारखंड में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। इसलिए अब पुलिस ने इनके मोबाइल रिकॉर्ड, पिछले सफर और कॉल डिटेल्स की भी जांच करवा रही है। इससे हो सकता है कि नकली करंसी का बड़ा नेटवर्क का पर्दाफाश हो जाए
Fake Currency: कोर्ट में पेशी और आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को शनिवार शाम ही स्थानीय अदालत में पेश कर दिया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने की जुगत कर रही है कि आखिर ये नकली नोट कहां से लाए गए और गुमला जैसे जिले में किसे सप्लाई करने वाले थे।
नकली नोटों की इस तरह की तस्करी आम लोगों की मेहनत की कमाई और बाजार की आर्थिक स्थिति दोनों को ही बड़ा नुकसान देती है। इसलिए पुलिस ने स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों से अपील की है कि नकदी लेते समय ₹500 के नोटों को ध्यान से बेहद ही ध्यान से परखें और कोई संदिग्ध नोट दिखे तो तुरंत नजदीकी थाने को इस बारे में सूचित करें।
Fake Currency: जनता से भी मांगी मदद
गुमला पुलिस ने इस पूरे मामले को काफी गंभीरता से लिया है, यही वजह है कि पुलिस ने स्थानीय लोगों से भी मदद मांगी है। पुलिस का कहना है कि अगर वाकई नकली नोटों का धंधा जड़ से उखाड़ना है तो उसके लिए आम लोगों की जागरूकता बेहद जरूरी है। अगर किसी को शक होता है कि उन्हें नकली नोट मिले हैं, तो बिना डर और झिझके पुलिस को जानकारी दें।