शी जिनपिंग का यूरोपीय सैन्य विमान (सौजन्य-सोशल मीडिया)
China Europe tensions: चीन की चालबाजियां अब उसी पर भारी पड़ती नजर आ रही है। चीन की हरकतें देख ऐसा लगा रहा है, जैसे वह अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहा है। चीन ने अब यूरोपीय संघ से टक्कर कर ली है, जिससे अब इंटरनेशनल लेवल पर तनाव बढ़ता हुआ नजर आ रहा है।
चीन के एक एक्शन का जर्मनी ने फायदा उठाया है और अब दुनियाभर की नजर चीन पर अटकी की। दरअसल, जर्मनी का यूरोपीय सुरक्षा मिशन चल रहा था। इस मिशन के दौरान चीन की सेना ने यूरोपीय देश जर्मनी के एक सैन्य विमान को लेजर से अपना टारगेट बना लिया।
इस घटना के सामने आते ही इंटरनेशनल लेवल पर हड़कंप मचा गया। मिली जानकारी के अनुसार, यह ऑपरेशन समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा था, जिसे चीनी सेना ने टारगेट किया। इस घटना के बाद जर्मनी ने तुरंत एक्शन लिया और चीन को घेर लिया है। इतना ही नहीं एक्शन लेते हुए चीनी राजदूत को बर्लिन तलब भी किया गया है।
China Europe tensions: चीनी राजदूत को बर्लिन ने किया तलब
लेजर टारगेट पर लिए जाने की जानकारी मंगलवार को जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने दी। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सख्त प्रतिक्रिया दी। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा, “जर्मन कर्मियों की सुरक्षा को खतरे में डालना और ऑपरेशन में बाधा उत्पन्न करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।” इस घटना के बाद बर्लिन ने तुरंत चीनी राजदूत को तलब किया है।
The Chinese military employed a laser targeting a German aircraft in the EU operation #ASPIDES. Endangering German personnel & disrupting the operation is entirely unacceptable. The Chinese ambassador was summoned to the Federal Foreign Office today.
— GermanForeignOffice (@GermanyDiplo) July 8, 2025
China Europe tensions: यूरोप का ASPIDES मिशन क्या है?
ASPIDES यूरोपीय संघ की एक सामूहिक रक्षा प्रणाली की पहल है। इस मिशन का उद्देश्य लाल सागर, हिंद महासागर और खाड़ी क्षेत्र में समुद्री रास्तों की सुरक्षा करना और सुरक्षित रखना है। इस मिशन का अहम किरदार कमर्शियल जहाजों और अंतरराष्ट्रीय नौवाहनों को सुरक्षा प्रदान करना है।
China Europe tensions: चीन और यूरोप में बढ़ता तनाव
चीन और यूरोप में इस घटना के बाद तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब यूरोपीय संघ चीन को लेकर पहले से ही काफी चौकन्ना है। यूरोपीय संघ चीनी सेना की तकनीकी घुसपैठ और रणनीतिक बुनियादी ढांचे पर प्रभाव को लेकर पहले से ही काफी सतर्क है।
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ऐसे में यह जर्मनी के विमान पर चीन का लेज़र हमला यूरोपीय संघ और चीन संबंधों में और तनाव पैदा कर सकती है। आपको बताते चलें, कि अब तक यूरोपीय आयोग या चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।