Jayram Mahto: आज हम बात कर रहे हैं उस चेहरे की, जिसने झारखंड की सियासत में भूचाल ला दिया, उसका नाम है जयराम महतो। कोई कहता है बाग़ी, कोई पागल, कोई क्रांतिकारी… लेकिन हकीकत ये है कि वो झारखंड के दबे-कुचले स्वाभिमान की जीवित आवाज़ है।
ऐसी है झारखंड के युवा क्रांतिकारी की कहानी
ये सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं है — ये उस मिट्टी की कहानी है, जो अस्मिता, भाषा, संस्कृति और अधिकार के लिए वर्षों से संघर्ष कर रही है। जब झारखंड की राजनीति में जाति, धन और बाहुबल हावी था, तब 27 साल का एक युवा – जयराम महतो – सड़कों पर उतरा। उसने बोकारो से लेकर रांची तक झारखंडियों की आवाज़ बनकर हुंकार भरी। उसका आंदोलन सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं रहा — उसने ‘झारखंडी पहचान’ को राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बना दिया। “पहचान बचाओ आंदोलन“ के ज़रिए वह हर युवा के दिल में जगह बना गया। तो आइए, इस वीडियो में जानते हैं — कौन है जयराम महतो? क्या है उसकी सोच? और क्यों आज झारखंड का हर जागरूक युवा उसे उम्मीद की तरह देखता है।