A.K. Roy: धनबाद के सेंट्रल होस्पिटल के नजदीक आगामी 15 जून को एक बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है। भाकपा माले के महासचिव दिपांकर भट्टाचार्य। पार्टी के 2 सांसद। जेएमएम की सांसद जोबा मांझी और तमाम समान विचारधारा वाले दलों के दिग्गज नेता धनबाद पहुंच रहे हैं। इस कार्यक्रम में झारखंड आंदोलन का पूरा फ्रेम वर्क तैयार करने वाले जेएमएम की स्थापना के मास्टर माइंड पूर्व सांसद और मार्क्सवादी समन्वय समिति के नेता रहे ए।के। रॉय की प्रतिमा का धनबाद में अनावरण होना है। यह कार्यक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब तक धनबाद शहर के किसी भी हिस्से में ए.के रॉय की मूर्ति नहीं है। धनबाद के किसी भी गली या सड़क का नाम भी ए।के। रॉय के नाम पर नहीं है।
A.K. Roy को सम्मान दिलाने की लड़ाई पुरानी
धनबाद और झारखंड में ए.के. रॉय को सम्मान दिलाने की लड़ाई पुरानी है। साल 2019 में ए.के. रॉय के निधन के बाद से ही अब माले विधायक और उस दौर में मासस नेता रहे चंद्रदेव महतो ने आवाज उठाई थी। ए.के. रॉय विचार मंच के लोगों ने भी धनबाद पीएमसीएच का नाम ए।के।रॉय के नाम पर करने के लिए आंदोलन किया था। हालांकि सफलता हाथ नहीं लगी थी।
हाल में हुए विधानसभा चुनाव में माले के 2 विधायकों की जीत के बाद यह संभव हो पाया है। हालांकि इसमें जो सबसे काबिले तारिफ की बात अगर की जाए तो वो पूर्व विधायक आनंद महतो हैं। जो स्वयं लगातार प्रतिमा की स्थापना के लिए प्रयासरत रहें। कई ऐसी तस्वीरें आई जब कोई विरोध या दिक्कतें आती थी तो वो 83 साल की उम्र में स्वयं उस जगह पर पहुंचकर कैंप करते थे।
तो ये बात हो गई ए.के रॉय के लिए धनबाद में एक प्रतिमा की स्थापना की यह अपने आप में झारखंड की जनता की जनता पर एक बहुत बड़ा कर्ज था शायद जिसके एक हिस्से का भुगतान आज झारखंड कर रहा है…