मोहम्मद सिराज (सोर्स- बीसीसीआई एक्स)
Mohammed Siraj: केनिंग्टन ओवल में खेले गए पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच में भारत ने इंग्लैंड को रोमांचक अंदाज़ में 6 रनों से हरा दिया। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि आखिरी दिन इंग्लैंड को जीत के लिए सिर्फ 35 रन बनाने थे और उसके 4 विकेट शेष थे। ऐसे में टीम इंडिया के तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज ने कमाल कर दिखाया और मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।
सिराज का आत्मविश्वास बना जीत की कुंजी
मोहम्मद सिराज ने मैच के बाद खुलासा किया कि वे इस निर्णायक दिन के लिए मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार थे। उन्होंने कहा, “आज सुबह जब मैं उठा, तो मैंने खुद से कहा कि आज मुझे यह मैच जीतना है और मैं यह कर सकता हूं।” सिराज ने खुद को प्रेरित करने के लिए अपने मोबाइल फोन का वॉलपेपर भी बदला और उस पर लिखा- “I can do it.” सिराज का यह आत्मविश्वास मैदान पर उनके प्रदर्शन में साफ दिखा।
पहले ओवर में ही जेमी स्मिथ को किया चलता
पांचवें दिन की शुरुआत भारत के लिए धमाकेदार रही। सिराज ने अपने पहले ही ओवर में इंग्लैंड के खतरनाक बल्लेबाज़ जेमी स्मिथ को आउट कर भारत को मैच में वापसी दिलाई। स्मिथ उस समय तक टिके हुए थे और इंग्लैंड की उम्मीद बने हुए थे। लेकिन सिराज ने उन्हें बोल्ड कर टीम इंडिया को पहली सफलता दिला दी।
सिराज और कृष्णा ने किया इंग्लैंड को धराशायी
सिराज ने इसके बाद जेमी ओवरटन को भी चलता किया, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने जोश टंग का विकेट चटकाया। अब इंग्लैंड को जीत के लिए 17 रन और भारत को केवल एक विकेट की दरकार थी। इसी दौरान इंग्लैंड के बल्लेबाज़ एटकिंसन ने एक छक्का जड़कर टीम को 11 रन की दूरी तक पहुँचा दिया, लेकिन इसके बाद सिराज ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर भारत को यादगार जीत दिला दी।
2-2 से बराबरी पर खत्म हुई सीरीज़
इस जीत के साथ भारत ने एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2-2 से ड्रॉ करा ली। सिराज की दूसरी पारी की गेंदबाज़ी (5 विकेट) ने इस मैच को भारत के पक्ष में झुका दिया। ओवल में यह भारत की तीसरी टेस्ट जीत थी, और यह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारत की सबसे करीबी जीत भी बन गई। सिराज का आत्मविश्वास, जोश और अनुशासन ही भारत की इस ऐतिहासिक जीत का सूत्रधार बना।