केएल राहुल और शुभमन गिल (सोर्स- एक्स)
IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर टेस्ट में शुभमन गिल और केएल राहुल की जोड़ी ने ऐतिहासिक साझेदारी करके नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। दोनों बल्लेबाज़ों ने मिलकर दूसरी पारी में 188 रनों की साझेदारी की, लेकिन यह रिकॉर्ड रन से नहीं बल्कि गेंदों की संख्या से जुड़ा है। गिल और राहुल ने इस साझेदारी में कुल 417 गेंदें खेलीं, जो पिछले 25 वर्षों में इंग्लैंड की धरती पर किसी भी भारतीय जोड़ी द्वारा खेली गई सबसे लंबी साझेदारी (गेंदों के लिहाज़ से) बन गई है।
गिल और राहुल ने संभाली पारी
भारत की दूसरी पारी की शुरुआत बेहद खराब रही। ओपनर यशस्वी जायसवाल और साई सुदर्शन पहले ही ओवर में आउट होकर पवेलियन लौट गए। ऐसे में भारत की स्थिति बेहद नाजुक हो गई थी। इसी संकट की घड़ी में शुभमन गिल और केएल राहुल क्रीज़ पर आए और पूरी पारी को संभाल लिया। दोनों ने डिफेंस और स्ट्रोक्स का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए पारी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया।
द्रविड़ और बांगर को पीछे छोड़ा
गिल-राहुल की 417 गेंदों की यह साझेदारी, 2002 में हेडिंग्ले टेस्ट में बनी राहुल द्रविड़ और संजय बांगर की 405 गेंदों की साझेदारी से आगे निकल गई। द्रविड़ और बांगर ने उस समय 170 रन जोड़े थे। इसके बाद नंबर आता है सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली की जोड़ी का, जिन्होंने इंग्लैंड में 357 गेंदों में 249 रनों की साझेदारी की थी। अब इन सभी रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़कर गिल और राहुल ने इंग्लैंड में भारतीय टेस्ट इतिहास की सबसे लंबी साझेदारी का नया मानदंड तय किया है।
शतक से चूके राहुल
केएल राहुल इस सीरीज़ में शानदार फॉर्म में नजर आए हैं। मैनचेस्टर टेस्ट में भी उन्होंने बड़ी पारी की ओर कदम बढ़ाए, लेकिन 90 रन पर बेन स्टोक्स ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया और वह अपना तीसरा शतक बनाने से चूक गए। इसके बावजूद राहुल ने इस सीरीज़ में अब तक 511 रन बना लिए हैं और रन बनाने वालों की सूची में दूसरे स्थान पर हैं।
गिल बने सीरीज़ के टॉप स्कोरर
भारतीय कप्तान शुभमन गिल इस सीरीज़ में भारत की बल्लेबाज़ी की रीढ़ साबित हुए हैं। मैनचेस्टर टेस्ट के बाद वह 700 से ज्यादा रन बना चुके हैं और इस टेस्ट सीरीज़ के टॉप स्कोरर हैं। उनके बाद केएल राहुल और फिर ऋषभ पंत का नाम आता है, जिन्होंने क्रमश: 511 और 467 रन बनाए हैं।
इंग्लैंड में भारत के लिए खास साझेदारी
यह साझेदारी भारत के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि यह मुश्किल परिस्थिति में बनी और टीम को मज़बूती दी। इससे न केवल भारत को मैनचेस्टर टेस्ट में वापसी का मौका मिला बल्कि गिल-राहुल की जोड़ी ने भविष्य के लिए एक नई उम्मीद भी जगा दी है।