रवींद्र जडेजा (सोर्स- सोशल मीडिया)
IND vs ENG: भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज़ में अपनी शानदार ऑलराउंड क्षमता का लोहा मनवा लिया है। चाहे बात हो मुश्किल परिस्थितियों में बल्लेबाज़ी की या गेंद से कमाल दिखाने की – जडेजा हर विभाग में टीम इंडिया के संकटमोचक बनकर उभरे हैं। उन्होंने न केवल इंग्लिश धरती पर रन बनाए, बल्कि इतिहास में अपना नाम भी दर्ज करा लिया।
लगातार 5 अर्धशतक, टीम को संकट से उबारा
पिछली 6 पारियों में जडेजा ने 5 अर्धशतक जड़े हैं, जो बताता है कि वह निचले क्रम से आकर कितने बड़े मैच विनर साबित हुए हैं। हर बार जब भारत की शीर्ष बल्लेबाज़ी लड़खड़ाई, तब जडेजा ने मोर्चा संभाला और टीम को स्थिरता दी। इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है।
इंग्लैंड में बल्ले और गेंद से अनोखा कारनामा
जडेजा ने मौजूदा सीरीज़ में एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में एक और इतिहास रचा। उन्होंने इंग्लैंड की धरती पर टेस्ट क्रिकेट में 1,000 रन पूरे कर लिए हैं। इसके साथ ही वह पहले एशियाई खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने इंग्लैंड में 1,000 रन और 30+ विकेट दोनों हासिल किए हैं।
दिलचस्प बात यह है कि अब तक इंग्लैंड में 7 एशियाई बल्लेबाज़ 1,000 से ज़्यादा रन बना चुके हैं और 18 गेंदबाज़ 30 से ज़्यादा विकेट ले चुके हैं, लेकिन यह दोनों आंकड़े एक साथ छूने वाला कोई नहीं था – जडेजा को छोड़कर।
सर गैरी सोबर्स की बराबरी की
जडेजा ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया है। छठे या उससे नीचे क्रम पर बल्लेबाज़ी करते हुए किसी एक टेस्ट सीरीज़ में सबसे ज़्यादा अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड अब वह सर गैरी सोबर्स के साथ साझा कर रहे हैं। गैरी सोबर्स ने एक सीरीज़ में 5 अर्धशतक लगाए थे, और अब जडेजा भी यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। अगर वह अगले टेस्ट में एक और अर्धशतक लगा देते हैं, तो इस सूची में अकेले शीर्ष पर पहुंच जाएंगे।
गेंद से भी दिखाया दम
सिर्फ बल्लेबाज़ी ही नहीं, जडेजा ने गेंद से भी कमाल किया है। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा मैच में 4 विकेट चटकाए और इंग्लिश बल्लेबाज़ों को परेशान किया। उनका यह ऑलराउंड प्रदर्शन भारत की जीत की उम्मीदों को मज़बूती दे रहा है।
टीम के संकटमोचक बने जडेजा
रवींद्र जडेजा इस सीरीज़ में भारत के लिए सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी साबित हुए हैं। जब टॉप ऑर्डर विफल हुआ, तब उन्होंने मोर्चा संभाला। उनका यह प्रदर्शन न केवल प्रशंसा के लायक है, बल्कि आने वाले मैचों के लिए प्रेरणा भी है। अब सबकी निगाहें अंतिम टेस्ट पर हैं, जहाँ जडेजा इतिहास के और भी पन्ने पलट सकते हैं।