जडेजा और स्टोक्स के बीच बहस (सोर्स- एक्स)
IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी का चौथा टेस्ट मैच ड्रॉ रहा, लेकिन इसका आखिरी घंटा जबरदस्त रोमांच और विवाद से भरा रहा। पांचवें दिन का अधिकांश समय शांतिपूर्ण खेल के साथ गुज़रा, लेकिन अंतिम 15 ओवरों में घटनाएं तेजी से बदलीं और दर्शकों को बेहद नाटकीय क्षणों का गवाह बनने का मौका मिला।
हाथ मिलाना चाहते थे स्टोक्स
मैच के आखिरी सत्र में भारत का स्कोर 386/4 हो चुका था और सिर्फ़ 15 ओवर बचे थे। ऐसे में इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने भारतीय बल्लेबाज़ों रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर से हाथ मिलाकर मैच ड्रॉ करने का प्रस्ताव रखा। यह खेल भावना को दर्शाने वाला क्षण था, लेकिन भारतीय टीम ने इसे पूरी तरह अस्वीकार कर दिया।
जडेजा ने ड्रॉ प्रस्ताव ठुकराया, स्टोक्स नाराज़
रवींद्र जडेजा ने स्टोक्स से हाथ मिलाने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद अंपायरों ने भी टीम इंडिया को औपचारिक रूप से इंग्लैंड के प्रस्ताव की जानकारी दी, लेकिन जवाब वही रहा, भारत खेल जारी रखना चाहता था। इस फैसले से स्टोक्स नाराज़ दिखे, लेकिन भारतीय टीम का इरादा साफ था मैदान में डटे रहना और शतक पूरा करना।
इंग्लैंड ने किया स्लेजिंग
जब स्टोक्स ने प्रस्ताव रखा, तब जडेजा 89 और सुंदर 80 रन पर थे। भारत का इरादा साफ था दोनों बल्लेबाजों को शतक तक पहुंचाना। इसी बीच इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने आक्रोश दिखाया और जडेजा पर स्लेजिंग शुरू कर दी। स्थिति और भी दिलचस्प तब हुई जब हैरी ब्रूक ने बेहद धीमी और आसान गेंदबाज़ी की, जिससे ऐसा लगा मानो इंग्लैंड खुद ही दोनों बल्लेबाज़ों को शतक देना चाहता हो।
शतक के साथ किया अंत
जडेजा ने छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया, वहीं सुंदर ने चौका जड़कर शतक पूरा किया। इसके बाद भारतीय टीम ने खेल समाप्त करने का फैसला लिया और मैच ड्रॉ घोषित हुआ। इस पूरे घटनाक्रम ने साबित कर दिया कि टीम इंडिया सिर्फ ड्रॉ से संतुष्ट नहीं थी, बल्कि मैदान पर हर पल का सम्मान करना जानती है।
आखरी टेस्ट में बढ़ेगा रोमांच
यह मुकाबला भारतीय टीम के आत्मबल और लड़ने की भावना का परिचायक रहा। अब दोनों टीमें आखरी टेस्ट की तैयारी करेंगी, जहां एक बार फिर दर्शकों को जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल सकता है।