भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक (सोर्स- सोशल मीडिया)
IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी इस समय मैदान के साथ-साथ मैदान के बाहर भी चर्चा में है। तीसरे और चौथे टेस्ट में दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली थी, लेकिन अब भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और केनिंग्टन ओवल के पिच क्यूरेटर ली फोर्टिस के बीच हुआ विवाद सुर्खियों में आ गया है। ओवल टेस्ट से पहले यह बहस अभ्यास सत्र के दौरान हुई थी, जिसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएँ हो रही हैं।
सीतांशु कोटक ने किया विवाद का खुलासा
भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने इस विवाद पर अब प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि जब भारतीय कोचिंग स्टाफ ओवल की पिच का निरीक्षण कर रहा था, तो उसी दौरान एक ग्राउंड स्टाफ ने उन्हें पिच से 2.5 मीटर दूर रहने के लिए कहा। कोटक ने बताया, “हमने जॉगर्स पहन रखे थे, कोई स्पाइक्स नहीं थे। हम पिच पर कोई नुकसान नहीं पहुँचा रहे थे। हमें बताया गया कि क्यूरेटर मैदान को लेकर बहुत संवेदनशील हैं। लेकिन हम जानते हैं कि हमने कुछ भी गलत नहीं किया।”
घमंडी हैं पिच क्यूरेटर…
कोटक ने आगे कहा कि क्यूरेटर की प्रतिक्रिया जरूरत से ज्यादा आक्रामक थी। उन्होंने कहा, “आप मैदान की सुरक्षा को लेकर सचेत हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप घमंडी हो जाएं। यह कोई प्राचीन धरोहर नहीं है जिसे छू भी नहीं सकते। उन्होंने कहा कि वो घास उगाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जब हमने सिर्फ जॉगर्स पहने हुए थे तो कोई समस्या नहीं होनी चाहिए थी।”
भारतीय स्टाफ पर भी चिल्लाया गया
कोटक ने यह भी बताया कि जब भारतीय स्टाफ आइस बॉक्स लेकर जा रहा था, जिसका वजन मुश्किल से 10 किलो था, तब भी क्यूरेटर ने उन पर चिल्ला दिया। उन्होंने कहा, “क्यूरेटर का व्यवहार अजीब और घमंडी था। सभी जानते हैं कि ओवल का यह क्यूरेटर किस तरह का है, उसके साथ संवाद करना आसान नहीं है।”
पिच कंडीशन पर डालेगा असर?
इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि पिच को लेकर हुई बहस सिर्फ गलतफहमी नहीं थी, बल्कि क्यूरेटर के व्यवहार ने भी माहौल को और बिगाड़ दिया। ऐसे में अब निगाहें इस बात पर हैं कि यह विवाद मैच के पिच कंडीशन पर कोई असर डालता है या नहीं।