आज से रेल में सफर करना हुआ महंगा
Rail Fare Hike: 1 जुलाई यानि आज से देशभर में रेल यात्रियों को अपने रेल सफर के लिए अब पहले से ज्यादा किराया चुकाना पड़ेगा. रेल मंत्रालय ने मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के किराए में बढ़ोतरी की घोषणा की है. इसके तहत नॉन एसी में एक पैसा प्रति किलोमीटर और सभी एसी क्लास में दो पैसा प्रति किलोमीटर की दर से किराया बढ़ा दिया गया है. रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने 24 जून को ही संकेत दे दिए थे कि जल्द ही किरायों में तब्दीली की जा सकती है. रेलवे ने बढ़े हुए किराए को आज से लागू कर दिया है
Rail Fare Hike: कौन-कौन सी ट्रेनों और क्लास पर लागू होगा नया किराया
रेलवे मंत्रालय के मुताबिक, यह इजाफा केवल उपनगरीय सेवाओं को छोड़कर देश की अधिकांश प्रमुख और विशेष रेल सेवाओं पर लागू हो चुका है. इनमें राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, वंदे भारत, तेजस, हमसफर, अमृत भारत, महामना, गतिमान, अंत्योदय, जन शताब्दी, युवा एक्सप्रेस, एसी विस्टाडोम कोच और अनुभूति रेल कोच शामिल हैं. हालांकि, रोजाना सफर करने वालों को राहतर9ओ देते हुए उपनगरीय ट्रेन और मासिक सीजन टिकट (पास) के किराए में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। इससे मुंबई, चेन्नई, कोलकाता जैसे महानगरों में ट्रेन से सफर करने वाले लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी।
Rail Fare Hike: साधारण द्वितीय श्रेणी में 500 किमी तक नहीं बढ़ा किराया
इसके साथ रेलवे मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि साधारण सेकंड क्लास कोच के टिकटों का किराया 500 किलोमीटर तक पहले जैसा रहेगा. यानि कि जो यात्री इस क्लास में कम दूरी की यात्रा करते हैं, उन्हें उन पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा। लेकिन यदि दूरी 500 किलोमीटर से अधिक है तो किराया प्रति किलोमीटर आधा पैसा बढ़ेगा। इसी तरण साधारण शयनयान (स्लीपर) और फर्स्ट एसी के यात्रियों को भी अब प्रति किलोमीटर आधा पैसा ज्यादा देना होगा, यानी लंबी दूरी की यात्राएं करने वाले मध्यमवर्गीय यात्रियों पर यह वृद्धि सीधा असर डालेगी।
ये भी पढ़ें: महंगा हो गया रेल सफर, जाने जेब पर पड़ेगा कितना असर
Rail Fare Hike: पुराने टिकट पर यात्रा होगी पुरानी दरों पर
रेल मंत्रालय ने बताया कि बढ़ा हुआ किराया आज या उसके बाद बुक किए गए टिकटों पर ही लागू होगा। पहले बुक किए गए टिकटों पर किसी प्रकार का अतिरिक्त किराया नहीं लिया जाएगा और वे मौजूदा दरों पर ही वैध माने जाएंगे। रेलवे के पीआरएस (पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम), यूटीएस (अनरिजर्व्ड टिकटिंग सिस्टम) और मैनुअल टिकटिंग सिस्टम को भी नए किराए के मुताबिक अपडेट कर दिया गया है, ताकि यात्रियों को कोई असुविधा न हो।
आरक्षण शुल्क
इसके साथ ही मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट अधिभार और अन्य शुल्कों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) भी पहले की तरह लागू रहेगा।
यात्रियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस फैसले के बाद यात्रियों की प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। दिल्ली से पटना जाने वाली एक मेल ट्रेन में सफर कर रहे छात्र रोहित कुमार ने कहा, “किराया बढ़ना तो समझ में आता है क्योंकि मेंटेनेंस और नई सुविधाओं के लिए पैसा चाहिए। लेकिन कमाई बढ़ नहीं रही, तो ये भी मुश्किल खड़ी करता है।” वहीं मुंबई लोकल से सफर करने वाले राजेश नाइक ने राहत की सांस ली, “शुक्र है कि लोकल ट्रेन का किराया नहीं बढ़ाया, वरना रोज की यात्रा मुश्किल हो जाती।” कुछ यात्रियों ने सुझाव दिया कि रेलवे को किराया बढ़ाने के साथ सुविधाएं भी बेहतर करनी चाहिए—जैसे कोचों की सफाई, शौचालयों की स्थिति और टाइम।
रेल मंत्रालय का पक्ष
रेल मंत्रालय का कहना है कि इस मामूली किराया वृद्धि का उद्देश्य रेलवे की वित्तीय सेहत को बेहतर बनाना है, जिससे यात्रियों को भविष्य में और अच्छी सुविधाएं दी जा सकें. अधिकारियों के मुताबिक, इस बढ़ोतरी से रेलवे को सालाना हजारों करोड़ रुपए की अतिरिक्त आमदनी होगी, जिससे पटरियों की मरम्मत, नई ट्रेनों की खरीद और यात्री सुरक्षा जैसे कार्यों में मदद मिलेगी।