स्प्लैशडाउन की एआई इमेज
Axiom-4: इंडियन एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष की सैर कर वापस धरती लौट आए, इसके साथ ही भारत के लाल ने अंतरिक्ष में कमाल कर दिया। स्पेसएक्स के ड्रैगन यान “ग्रेस” के ज़रिए शुक्ला और उनके तीन साथियों ने पैसिफिक महासागर में कैलिफोर्निया के तट के पास भारतीय समयानुसार दोपहर 3:01 बजे (केंद्रीय समय 4:31 AM) स्प्लैशडाउन किया। स्पेसएक्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “ड्रैगन का स्प्लैशडाउन सफलतापूर्वक हुआ – धरती पर वापस स्वागत है, एस्ट्रोपेगी, (शुभांशु), एस्ट्रो_स्लावोज़ और टिबी!”
Axiom-4: 26 जून को किया था ISS की ओर प्रस्थान
Axiom-4 mission के तहत शुभांशु शुक्ला ने 26 जून को स्पेसएक्स के यान द्वारा अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की ओर उड़ान भरी थी। इस ऐतिहासिक उड़ान के साथ वह राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय और ISS जाने ल वाले पहले भारतीय बने। उनके साथ अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिट्सन, पोलैंड के स्लावोज़ उजनांस्की-विसनेवस्की और हंगरी के टिबोर कपु भी इस मिशन का हिस्सा थे।
Axiom-4: कैसे हुआ लौटने का रोमांचक सफर
शुक्ला व उनके साथियों ने सोमवार को भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजे (केंद्रीय समय 3:30 AM) ISS से स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल “ग्रेस” में सवार होकर पृथ्वी के लिए वापसी की यात्रा शुरू की थी। पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश (re-entry) से पहले यान ने लगभग 18 मिनट लंबा डी-ऑर्बिट बर्न पूरा किया। यह प्रक्रिया पैसिफिक महासागर के ऊपर हुई। वापसी के दौरान करीब सात मिनट तक यान का पृथ्वी से संपर्क भी टूट गया, जिसे ‘ब्लैकआउट पीरियड’ कहा जाता है। इसके बाद यान ने अपने ट्रंक को अलग किया और हीट शील्ड को वायुमंडलीय प्रवेश के लिए तैयार किया, जहां तापमान करीब 1,600 डिग्री सेल्सियस तक चला गया था।
- कैप्टन शुभांशु शुक्ला मंगलवार को तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अपने ऐतिहासिक अंतरिक्ष अभियान को पूरा कर धरती पर लौट आए।
- स्पेसएक्स का ड्रैगन ग्रेस यान दक्षिण कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट के पास भारतीय समयानुसार दोपहर 3:01 बजे पैसिफिक महासागर में स्प्लैशडाउन हुआ।
- शुभांशु शुक्ला के धरती पर लौटने के साथी ही उनके 20 दिन लंबे अंतरिक्ष सफर का रोमांचक अध्याय पूरा हो गया।
Axiom-4: पैराशूट की दो चरणों में हुई तैनाती
शुभांशु शुक्ला के यान की सुरक्षा के लिए पहले 5.7 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्टेबलाइजिंग पैराशूट खुले और फिर दो किलोमीटर की ऊंचाई पर मुख्य पैराशूट तैनात हुए। इससे यान की गति नियंत्रित हुई और अंततः कैलिफोर्निया के तट के पास शांतिपूर्वक पैसिफिक महासागर में स्प्लैशडाउन हुआ। स्पेसएक्स ने बताया कि कैलिफोर्निया तट पर यह ड्रैगन यान का दूसरा मानव मिशन स्प्लैशडाउन था। इससे पहले अप्रैल में Fram2 मिशन ने ड्रैगन रिकवरी ऑपरेशंस को वेस्ट कोस्ट पर वापस लाया था। अधिकांश पुराने स्प्लैशडाउन अटलांटिक महासागर में होते थे।
Axiom-4: अंतरिक्ष में किया वैज्ञानिक काम, देखा सैकड़ों सूर्योदय-सूर्यास्त
ISS पर अपने 15 दिनों में शुभांशु शुक्ला ने 310 से अधिक ऑर्बिट पूरे किए, यानी लगभग 1.3 करोड़ किलोमीटर की यात्रा की — जो पृथ्वी से चांद की दूरी का 33 गुना है। इस दौरान उन्होंने और उनके साथियों ने 300 से ज्यादा सूर्योदय और सूर्यास्त भी देखे।
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Axiom-4: ISRO ने दी उपलब्धियों की जानकारी
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने सोमवार को बताया कि शुभांशु शुक्ला ने सभी सात निर्धारित माइक्रोग्रैविटी प्रयोग सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। ISRO ने कहा,“भारतीय टार्डिग्रेड प्रजाति, मायोजेनेसिस, मेथी व मूँग के बीजों का अंकुरण, साइनोबैक्टीरिया, माइक्रोएल्गी, फसल बीज और वॉयेजर डिस्प्ले पर प्रयोग पूरे हुए। यह मिशन में एक अहम मील का पत्थर है।”
Axiom-4: भारत के लिए गौरव का क्षण
शुक्ला की यह यात्रा भारत के लिए गौरवपूर्ण क्षण है। उनके सफलतापूर्वक लौटने पर पूरे देश में खुशी की लहर है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में मानवीय मिशन की दिशा में एक और मजबूत कदम है, जो भविष्य में ISRO के गगनयान जैसे मिशन में अहम भूमिका निभाएगा।