गुजरात में क्रैश हुआ था और इंडिया का विमान
Air India Crash: पिछले महीने गुजरात में भयानक विमान हादसे ने भारत समेत पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया। एयर इंडिया की उड़ान एआई-171 का बोइंग 787-8 विमान रनवे से उड़ान भरते ही कुछ सेकंड के मेडिकल कॉलेज की इमारत से टकराकर क्रैश हुई थी। इस दर्दनाक एयर इंडिया हादसे में सिर्फ एक यात्री को छोड़कर 260 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। हादसे के बाद भारतीय हवाई दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (AAIB) ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट जारी की, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ। इस रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान के तुरंत बाद ही दोनों इंजन में ईंधन पहुंचाने वाले स्विच बंद हो गए, जिससे विमान ने पूरी ताकत खो दी और वह जमीन से टकरा गया।
Air India Crash: कॉकपिट में भी मचा था हैरानी का माहौल
AAIB की 15 पन्नों की रिपोर्ट में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) में दोनों पायलट के बीच की बातचीत का किया गया। इसमें एक पायलट दूसरे से पूछता है, “तुमने फ्यूल क्यों बंद किया?”, तो जवाब मिलता है, “मैंने तो नहीं किया!”। इससे साफ है कि दोनों पायलट्स को ये खुद भी नहीं समझ आया कि स्विच कैसे बंद हो गए। इंडियन कमर्शियल पायलट्स एसोसिएशन (ICPA) ने अपने बयान में कहा कि पायलटों ने ऐसी मुश्किल घड़ी में भी पूरी जिम्मेदारी और प्रशिक्षण के अनुसार काम किया और उन्हें बिना वजह बदनाम नहीं किया जाना चाहिए।
Air India Crash: FAA ने पहले ही जताई थी चिंता
आपको बता दें कि अमेरिकी विमानन नियामक एफएए (FAA) ने 2018 में बोइंग के 787 और 737 मॉडलों में ‘फ्यूल स्विच लॉकिंग’ सिस्टम में गड़बड़ी की आशंका जताई थी। उसने एक विशेष उड़ान पात्रता सूचना बुलेटिन (SAIB) भी जारी किया था। हालांकि उस वक्त भी यह माना गया कि यह मुद्दा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा नहीं है, इसलिए अनिवार्य सुधार नहीं कराया गया। लेकिन गुजरात हादसे के बाद अब वही तकनीकी खामी एक वैश्विक चिंता बन गई है।
Air India Crash: DGCA ने सभी एयरलाइंस को दिए सख्त निर्देश
एयर इंडिया हादसे की प्रीमिलरी रिपोर्ट सामने आने के बाद भारत के विमानन नियामक डीजीसीए (DGCA) bhi हरकत में आ गया है। उसने सोमवार को सभी एयरलाइनों को आदेश जारी किया कि वे अपने बोइंग 787 और 737 विमानों में फ्यूल स्विच लॉकिंग सिस्टम की जांच 21 जुलाई 2025 से पहले अनिवार्य रूप से पूरी कर लें साथ ही डीजीसीए ने कहा कि निरीक्षण की योजना और उसकी रिपोर्ट संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों और डीजीसीए को सौंपनी होगी।
Air India Crash: एयर इंडिया, अकासा, स्पाइसजेट में भी जांच शुरू
भारत में एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, अकासा एयर और स्पाइसजेट जैसी तमाम एयरलाइंस 150 से अधिक बोइंग 787 और 737 विमानों का मौजूदा वक्त में संचालन कर रही हैं। एयर इंडिया समूह ने अपने सभी बोइंग विमानों में पहले ही जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक एयर इंडिया के 33 बोइंग 787 विमानों में से आधे से अधिक की जांच पूरी कर चुका है, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस के 75 बोइंग 737 विमानों की भी व्यापक स्तर पर जांच की जा रही है। टाटा समूह की ओर से यह कदम एहतियातन और स्वैच्छिक रूप से उठाया गया है।
Air India Crash: अन्य देशों में भी शुरू हुई जांच
गुजरात हादसे और AAIB की रिपोर्ट के बाद सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में एतिहाद एयरवेज समेत और भी कई एयरलाइंस ने अपने बोइंग विमानों में फ्यूल स्विच लॉकिंग सिस्टम की विशेष जांच शुरू कर दी है।
Air India Crash: DGCA की पहल से यात्री सुरक्षा को बल
डीजीसीए के इस कदम से यह साफ संकेत मिल रहा है कि भारत विमानन सुरक्षा से किसी तरह का कोई समझौता नहीं करेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक फ्यूल स्विच लॉकिंग सिस्टम में गड़बड़ी एक ऐसा तकनीकी बिंदु है, जो बहुत कम दिखता है लेकिन उसकी वजह से बड़ा हादसा हो सकता है।
Air India Crash: अब तक क्या मिला है?
हालांकि अभी तक इस व्यापक जांच में कोई बड़ी गड़बड़ी सामने नहीं आई है, लेकिन DGCA ने चेतावनी दी है कि यदि कहीं भी खामी पाई गई तो उस विमान को उड़ान की अनुमति नहीं दी जाएगी।
गुजरात के इस हादसे ने विमानन कंपनियों और नियामकों को यह याद दिला दिया कि तकनीकी सुरक्षा कितनी जरूरी है। उम्मीद की जा रही है कि DGCA के इस व्यापक निरीक्षण अभियान के बाद भारत के आसमान पर उड़ने वाले बोइंग विमानों की सुरक्षा में और मजबूती आएगी, ताकि यात्रियों की जिंदगी सुरक्षित रहे।