अहमदाबाद में 12 जून के दिन एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर के क्रैश ने पूरा दुनिया को गमगीन कर दिया. इस खतरनाक क्रैश में 242 यात्रियों और क्रू मेंबर्स में से 241 की मौत हो गई, बस एक ही यात्री चमत्कारिक रूप से बच सका. अब क्रैश को लेकर कई थ्योरियां सामने आ रही है, एविएशन एक्सपर्ट और पूर्व यूएस नेवी पायलट कैप्टन स्टीव शाइबनर ने एक नए वीडियो विश्लेषण में डुअल इंजन फेल्यर को इस हादसे का प्रमुख कारण बताया है, हालांकि उनकी नई थ्योरी ने जांच की दिशा को पूरी तरह बदल दिया है.
शुरुआती थ्योरियां और बदलता विश्लेषण
- कैप्टन स्टीव ने अपने यूट्यूब चैनल “Captain Steeeve” पर इस हादसे के शुरुआती विश्लेषण में 3 वजहों पर चर्चा की थी:
- 1. डुअल इंजन फेल्यर: बर्ड स्ट्राइक या ईंधन में खराबी (फ्यूल कंटैमिनेशन) के कारण दोनों इंजनों का एक साथ फेल होना
- 2. फ्लैप्स की गलत सेटिंग: टेकऑफ के दौरान फ्लैप्स सही तरीके से सेट न होना, जिसके पर्याप्त लिफ्ट नहीं मिली
- 3. पायलट की गलती: पायलट द्वारा गलती से गियर अप करने के बजाय फ्लैप्स को समय से पहले उठा लिया जाना
शुरुआत में कैप्टन स्टीव तीसरी थ्योरी के ज्यादा करीब थे, क्योंकि वीडियो में लैंडिंग गियर नीचे दिखाई दे रहा था और इंजनों में आग, धुआं या चिंगारी जैसा कुछ नहीं दिखा. लेकिन नए, वीडियो के सामने आने के बाद उन्होंने अपनी राय बदल दी और अब वे डुअल इंजन फेल्यर को ही क्रैश की मुख्य वजह मान रहे हैं.
नया वीडियो और रैम एयर टरबाइन (RAT) का सबूत
कैप्टन स्टीव ने बताया कि शुरुआती वीडियो, जो कि तेजी से वायरल हुआ, उसमें वास्तव में एक स्क्रीन पर चल रहे वीडियो की रिकॉर्डिंग था, जिसकी क्वालिटी अच्छी नहीं थी. लेकिन अब मूल वीडियो सामने आया है, जो पहले की तुलना में ज्यादा साफ है. इस वीडियो में चार महत्वपूर्ण सबूत दिखाई देते हैं, जो डुअल इंजन फेल्यर की पुष्टि करते हैं.
विजुअल सबूत – RAT का डिप्लॉयमेंट:
अब सामने आए नए वीडियो में विमान के नीचे एक छोटा सा ग्रे डॉट दिखाई देता है, जो रैम एयर टरबाइन (RAT) है. RAT एक इमरजेंसी उपकरण है, जो बोइंग 787 जैसे विमानों में तब अपने आप डिप्लॉय होता है, जब दोनों इंजन फेल हो जाते हैं,या इलेक्ट्रोनिक्स या हाइड्रॉलिक सिस्टम फेल होता है. वीडियो में RAT का दरवाजा खुला दिखाई देता है, जो इसकी मौजूदगी की पुष्टि करता है.
ऑडियो सबूत:
मूल वीडियो में एक तेज, प्रोपेलर जैसी आवाज सुनाई दे रही है, जो RAT के तेजी से घूमने की वजह से ही आती है. दरअसल यह आवाज एक छोटे सिंगल-इंजन प्रोपेलर प्लेन जैसी है, जो जेट विमान में असामान्य है. यह RAT के संचालन का स्पष्ट संकेत है.
प्रत्यक्षदर्शी का बयान:
हादसे का एकमात्र जीवित बचे यात्री विश्वास कुमार रमेश ने बताया कि क्रैश से ठीक पहले उसने एक जोरदार धमाके की आवाज सुनी और केबिन की लाइट्स टिमटिमाईं. कैप्टन स्टीव के अनुसार, यह RAT के डिप्लॉय होने के दौरान होने वाली आवाज और बिजली की खपत के कारण लाइट्स के टिमटिमाने से ही मेल खाता हैय
मेडे कॉल:
हालांकि ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) का ऑडियो अभी सामने नहीं है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार, कैप्टन सुमीत सभरवाल ने मेडे कॉल में “थ्रस्ट की कमी” का जिक्र किया था. यह डुअल इंजन फेल्यर की ओर इशारा करता है.
डुअल इंजन फेल्यर क्यों हुआ?
कैप्टन स्टीव ने बताया कि RAT का डिप्लॉयमेंट डुअल इंजन फेल्यर, इलेक्ट्रोनिक्स में गड़बड़ी, या हाइड्रॉलिक सिस्टम की खराबी में से किसी एक की वजह से हो सकता है. क्योंकि विमान मजह 672 फीट की ऊंचाई पर था और फिर तेजी से नीचे गिरा, यह डुअल इंजन फेल्यर की सबसे ज्यादा संभावना को दर्शाता है. हालांकि, यह अभी भी एक रहस्य है कि दोनों इंजन एक साथ क्यों फेल हुए.
बर्ड स्ट्राइक की संभावना खारिज:
एविएशन हेराल्ड की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, रनवे पर किसी पक्षी के अवशेष नहीं मिले, जिसके कारण बर्ड स्ट्राइक की थ्योरी को खारिज कर दिया गया.
फ्यूल कंटैमिनेशन:
कैप्टन स्टीव ने फ्यूल कंटैमिनेशन को एक संभावित कारण बताया, लेकिन इसे पूरी तरह पुष्टि करने के लिए ब्लैक बॉक्स डेटा मिलने की जरूरत है.
अन्य संभावनाएं:
स्टीव ने कहा कि इस समय अन्य कारणों को भी खुला रखा जाना चाहिए, क्योंकि इतने कम समय में दोनों इंजनों का फेल होना बेहद ही दुर्लभ है.
ब्लैक बॉक्स डेटा पर निर्भरता
कैप्टन स्टीव ने जोर देकर कहा कि ब्लैक बॉक्स, जिसमें फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) शामिल हैं, इस हादसे के सटीक कारणों को स्पष्ट करेगा। FDR से विमान की गति, ऊंचाई, इंजन की स्थिति और फ्लैप्स की सेटिंग्स का पता चलेगा, जबकि CVR से पायलट्स की बातचीत और मेडे कॉल की डिटेल्स सामने आएंगी।
कैप्टन स्टीव की नई थ्योरी ने अहमदाबाद विमान दुर्घटना की जांच को एक नई दिशा दी है. RAT का डिप्लॉयमेंट, ऑडियो सबूत, प्रत्यक्षदर्शी का बयान, और मेडे कॉल के आधार पर डुअल इंजन फेल्यर अब सबसे मजबूत थ्योरी बन गई है. हालांकि, अभी ये साफ नहीं है कि क्या वाकई दोनों इंजन फेल हुए और अगर फेल हुए तो किस वजह से. ब्लैक बॉक्स डेटा और भारत की Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) की जांच से जल्द ही और स्पष्टता मिलने की उम्मीद है. कैप्टन स्टीव ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस विश्लेषण को विस्तार से साझा किया है और कहा, “हमारे पास अब चार ठोस सबूत हैं, जो इस हादसे को समझने में बहुत स्पष्टता देते हैं, लेकिन यह हमें फिर से शुरुआती बिंदु पर ले जाता है – दोनों इंजन क्यों फेल हुए?”