बरसात का मौसम झारखंड में तबाही का सबब बनता जा रहा है. कई इलाकों में हो रही लगातार भारी बारिश से जनजीवन बेहाल हो गया है. रांची, रामगढ़, लातेहार, जमशेदपुर, हजारीबाग, बोकारो, गिरिडीह सहित कई प्रमुख शहरों में सड़कों पर पानी का जमाव हो गया. जो इलाके नीचे में बसे हैं, उन इलाकों के कई घरों में भी पानी घुस गया है. नदियों और झरनों में लोगों के डूबने-बहने और घरों के गिरने की घटनाएं भी राज्यभर से सामने आ रही है.
झारखंड में बारिश की मार
हजारीबाग के बरही थाना क्षेत्र में रसोईया धमना बाराटोला गांव में बारिश के बीच रविवार रात को एक मकान की छत गिर गई, जिसके मलबे में दबकर 2 लोगों की मौत हो गई. लोगों को हादसे की जानकारी सोमवार को हुई. इसके बाद मलबे में दबे दंपती को ग्रामीणों ने किसी तरह बाहर निकाला.
नदी में डूबने से बच्चों की मौत
पलामू जिले के पांकी थाना अंतर्गत उक्सू गांव निवासी 12 वर्षीय लड़का नदी में नहाने के दौरान बह गया. उसका शव बरामद कर लिया गया है. इसी थाना क्षेत्र के बसरिया गांव में 14 वर्षीय लड़का नहाने के दौरान अमानत नदी में डूब गया. जबकि शनिवार शाम पलामू शहर के बड़काबांध में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई थी.
नदियों नालों झरनों का जलस्तर बढ़ा
बोकारो जिले के चंद्रपुरा प्रखंड में जमुनिया नदी पर पुल का एक हिस्सा और गार्डवाल बारिश में बह गया. इस पुल का उद्घाटन अभी तक नहीं हुआ था. खूंटी जिले में स्थित पंचघाघ जलप्रपात में जलस्तर अत्यधिक बढ़ जाने के कारण प्रशासन ने यहां जाने वाले रास्ते को फिलहाल बंद कर दिया है.
झारखंड में कहां कितनी बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक राज्य भर में वर्षा की स्थिति को लेकर जारी रिपोर्ट के अनुसार अब तक सामान्य से 102 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है. रांची में सबसे ज्यादा सामान्य से 265 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है. इसी तरह लातेहार में सामान्य की तुलना में 241 प्रतिशत, लोहरदगा में 190, सरायकेला-खरसावां में 172 और पलामू में 156 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई. राज्य के 24 जिलों में से केवल देवघर, गोड्डा और पाकुड़ जिले में सामान्य की तुलना में 12 से 19 प्रतिशत कम वर्षा हुई है. लेकिन बाकी जगहों पर बारिश ने हाल बेहाल कर दिया है.