Coal Mining: झारखंड के रामगढ़ जिले में आज अवैध कोयला खनन के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ। कर्मा क्षेत्र में मौजूद एक पुरानी कोयला खदान का हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे खनन कर रहे कई मजदूर मलबे में दब गए। इस घटना में अब तक एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हो चुकी है, अभी भी कुछ अन्य के वहां फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
Coal Mining: कैसे हुआ हादसा
यह घटना आज तड़के तब हुई जब कई ग्रामीण उस खदान में अवैध रूप से कोयला निकालने के लिए घुसे थे। खदान के भीतर खुदाई का काम चल रहा था, ऊपर से मिट्टी और कोयले की परत अचानक भरभरा कर गिर गई। देखते ही देखते खदान के अंदर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि इस दौरान कुछ लोग भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए।
Coal Mining: फंसे लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू जारी
इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर आई। पुलिस के मुताबिक अबतक एक शव बरामद किया गया है और राहत एवं बचाव कार्य जारी है। ऐसा अनुमान जताया जा रहा है कि कुछ और लोग खदान के अंदर फंसे हो सकते हैं, इसलिए खोजबीन सावधानी से की जा रही है।
Coal Mining: रेस्क्यू में बरती जा रही सावधानी
फिलहाल जिला प्रशासन ने एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) और स्थानीय पुलिस की मदद से बचाव कार्य में तेजी लाई जा रही है। खदान की स्थिति को देखते हुए राहत दल बहुत ही सावधानी से मलबे को हटाने का काम कर रहा है ताकि हालात और बुरे न हो और किसी संभावित घटना से बचा जा सके।
Coal Mining: अपनो की सलामती की दुआ
इस बीच इलाके में मातम पसरा हुआ है। कई ग्रामीणों की भीड़ खदान के आसपास जमा है और अपने परिजनों की सलामती के लिए दुआएं कर रह है। घटनास्थल पर मौजूद एक महिला ने बिलखते हुए कहा, “हमारे भाई सुबह ही निकले थे कोयला लाने। मगर अभी तक उनका कुछ पता नहीं है। बस भगवान से यही प्रार्थना है कि वो सुरक्षित मिल जाएं।”
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Coal Mining: झारखंड में अवैध खनन बड़ी समस्या
झारखंड के कई जिलों में वर्षों से अवैध खनन एक बड़ी समस्या है। रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो जैसे क्षेत्रों में मौजूद पुरानी खदानों में स्थानीय लोग जोखिम उठाकर कोयला निकालते हैं ताकि रोज़गार का कुछ साधन बन सके। इससे लगातार जानमाल की भी हानि हो रही है।
Coal Mining: अवैध खदान में सुरक्षा के बंदोबस्त नहीं
जानकारों का कहना है कि ऐसे खदानों में न तो कोई सुरक्षा इंतजाम होता है और न ही कोई तकनीकी सहायता। भूमिगत खनन के दौरान ऊपर की परत कमजोर हो जाती है, जिससे थोड़े से कंपन या बारिश के बाद भी मिट्टी ढह जाती है और यही वजह है कि इस तरह के हादसे बार-बार होते हैं।
Coal Mining: हादसा होते ही हरकत में प्रशासन्
हालांकि प्रशासन ने इस मामले में जांच बैठा दी है और खदान के आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है ताकि लोग दोबारा वहां न घुस सकें। प्रशासन की तरफ से कहा जा रहा है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और अवैध खनन पर नकेल कसने के लिए ठोस से ठोस कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल पूरा क्षेत्र भय और दुःख के माहौल में डूबा हुआ है। लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि मलबे में फंसे उनके अपने किसी तरह सुरक्षित बाहर आ जाएं। राहत एवं बचाव कार्य जारी है और प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी हाल में इस अभियान में किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी।
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यह घटना एक बार फिर झारखंड में अवैध खनन के खतरों को उजागर करती है और यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक गरीब लोग अपनी जान जोखिम में डालकर दो वक्त की रोटी के बंदोबस्त के लिए इस तरह खतरनाक खदानों में उतरते रहेंगे। प्रशासन और सरकार को मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस नीति बनानी ही होगी ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियां दोहराई न जाएं।