भगवान शिवा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Sawan 2025: सावन का पवित्र महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस पूरे महीने में भक्त भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। खासतौर पर सावन के सोमवार का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दौरान कुछ विशेष उपाय करने से घर की दरिद्रता दूर होती है और भौतिक सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। इन्हीं उपायों में से एक है अलग-अलग जगहों पर दीपक जलाना। आइए जानते हैं कि सावन के सोमवार को किन प्रमुख स्थानों पर दीपक जलाना चाहिए।
मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से आएगी समृद्धि
सावन के सोमवार को घर के मुख्य दरवाज़े पर दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। मान्यता है कि मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से देवी लक्ष्मी का आगमन होता है, जिससे घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। यह उपाय घर के वातावरण को शांत और सकारात्मक बनाए रखने में भी सहायक होता है।
तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाना है बेहद शुभ
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को पवित्र और देवतुल्य माना जाता है। कहा जाता है कि इसमें भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी का वास होता है। सावन के सोमवार को शाम के समय तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। इस उपाय से धन-धान्य की वृद्धि होती है और घर के वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
पूजा घर में दीपक जलाएं
पूजा घर हर घर की सबसे पवित्र जगह मानी जाती है। सावन सोमवार के दिन पूजा घर में भगवान शिव के सामने दीपक जलाना अत्यंत शुभ होता है। ऐसा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही, इससे परिवार में आपसी प्रेम और समझ भी बढ़ती है।
रसोई घर में जलाएं दीपक
मान्यता है कि रसोई घर में माता अन्नपूर्णा का वास होता है, जो माता पार्वती का ही रूप हैं। सावन सोमवार को रसोई घर में दीपक जलाने से घर में कभी भी अन्न की कमी नहीं होती। इससे परिवार में समृद्धि बनी रहती है और भोजन से जुड़ी सभी बाधाएँ दूर होती हैं।
बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं
भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय हैं। यदि आपके घर के आसपास बेलपत्र का पेड़ है, तो सावन सोमवार को उसके नीचे घी का दीपक जलाना बेहद फलदायी माना जाता है। इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूरी करते हैं। यह उपाय शिव-पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त करने का एक अचूक तरीका माना जाता है।