गोपाल खेमका के मर्डर से व्यापारियों में दहशत
Gopal Khemka Case: बिहार के पटना शहर का कारोबारी जगत उस वक्त सन्न रह गया जब शहर के नामचीन व्यापारी गोपाल खेमका की हत्या की खबर सामने आई। लोग ये सोच भी नहीं सकते थे कि कोई इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देकर निकल जाएगा। लेकिन असल कहानी इससे कहीं ज्यादा चौंकाने वाली थी।
Gopal Khemka Case: कब क्या हुआ?
ये दिन था बृहस्पतिवार, बिल्कुल आम सा दिन जैसा रोज होता है। जब गोपाल खेमका हमेशा की तरह अपने काम में व्यस्त थे। तभी उनके विरोधियों ने उन्हें रास्ते से हटाने की आखिरी चाल चली। फिर योजनाबद्ध तरीके से शूटर पहुंचे और उनके ऊपर गोलियां दाग दीं। कुछ ही पलों में एक मशहूर कारोबारी का जीवन खत्म हो गया। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
Gopal Khemka Case: 3.5 लाख में खरीदी गई मौत
इस सनसनीखेज मर्डर की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे इस हत्या की साजिश की परतें खुलने लगीं। बिहार पुलिस एसआईटी और एसएसआईटी की टीम ने जब केस को खंगाला तो चौकाने वाली बात पता चली।
गोपाल खेमका की हत्या की सुपारी महज 3.5 लाख रुपये में दी गई थी और ये सुपारी किसी और ने नहीं, बल्कि पटना के ही एक नामी बिल्डर अशोक शाह ने दी थी। बिल्डर अशोक शाह ने अपने कारोबारी हितों के चलते खेमका को खत्म करने की योजना बनाई।
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Gopal Khemka Case: कैसे पकड़े गए शूटर और मास्टरमाइंड
मर्डर के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। फुटेज में शूटर उमर के चेहरे का मिलान हो गया। इसी के आधार पर पुलिस की टीमें हत्यारों तक पहुंचीं। एसआईटी और एसएसआईटी की टीम ने बिल्डर अशोक शाह के उदयपुरी अपार्टमेंट में छापेमारी की। वहां से उसे शूटर उमर के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में अशोक शाह ने हत्या की साजिश रचने की बात कबूल ली।
Gopal Khemka Case: मोबाइल नंबर और डायरी बनी कड़ी
जब मामले की जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के हाथ तीन मोबाइल नंबर और एक डायरी भी हाथ लगी, जिसमें कई नंबर और कोडवर्ड दर्ज थे। इससे पुलिस को ये पूरा नेटवर्क समझने में आसानी हुई। पुलिस ने इस डायरी और कॉल डिटेल को खंगाला, उन संदिग्धों को ट्रैक किया जो हत्याकांड में शामिल थे या जिन्हें इसकी भनक थी।
Gopal Khemka Case: सुरक्षा हटाने और पुलिस देरी की भी जांच
इस मामले में एक सवाल और खड़ा हुआ— आखिर गोपाल खेमका की सुरक्षा क्यों वापस लिंगई? डीजीपी आरएस भट्टी ने खुद माना कि खेमका की सुरक्षा हटाने और पुलिस के देर से पहुंचने की भी जांच करवाई जाएगी।
खेमका पहले से ही साल 2018 में हुए हमले की वजह से पुलिस सुरक्षा में थे। मगर हाल में उनकी सुरक्षा हट गई। और इसी का फायदा उठाकर शूटरों ने उनको मार डाला।
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Gopal Khemka Case: घर के बाहर पकड़े गए संदिग्ध
हत्या के दूसरे ही दिन यानी शुक्रवार, पुलिस ने बौरार इलाके से इस मामले में 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया। इनमें एक के पास से खेमका की रेकी करते हुए बनाए गए फोटो भी मिले। पुलिस को शक है कि ये वही लोग थे जिन्होंने अशोक शाह को खेमका की मूवमेंट की जानकारी दी।
Gopal Khemka Case: क्यों की गई खेमका की हत्या?
पूछताछ में ये भी सामने आया कि बिल्डर अशोक शाह का गोपाल खेमका से जमीन के सौदों को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। इसी दुश्मनी के चलते उसने शूटरों को खेमका की सुपारी दे दी। अशोक शाह ने पहले ‘लाइनर’ के जरिए पूरी योजना तैयार करवाई और फिर शूटर उमर को 3.5 लाख रुपये देकर काम तमाम करने भेज दिया।
इस मामले की खास बातें
- बिल्डर अशोक शाह ने खेमका की हत्या की सुपारी दी।
- शूटर उमर के अलावा कई लाइनर भी इस साजिश में शामिल थे।
- घटना के समय पुलिस तुरंत मौके पर नहीं पहुंच सकी, जिस पर अब डीजीपी ने खुद जांच बैठाई है।
- इस हत्याकांड में अब तक कई मोबाइल नंबर, डायरी व अन्य सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं।
पटना की गलियों में दहशत
अब पटना के हर कारोबारी वर्ग में सिर्फ इसी हत्याकांड की चर्चा है। लोग कह रहे हैं कि जिस शहर में एक नामी व्यवसायी की हत्या हो जाए, वहां आम आदमी की सुरक्षा का क्या होगा? हालांकि इस मामले में पुलिस फौरन हरकत में आई। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही इस हत्याकांड की गहराई तक जाकर सभी दोषियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।