प्रशांत किशोर, फोटो - सोशल मीडिया
Bihar Election 2025: जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने एक बार फिर बिहार की मौजूदा और पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पिछले 30-35 वर्षों की लालू यादव और नीतीश कुमार की सरकारों ने बिहार को मजदूरों का राज्य बना दिया है। उनका दावा है कि इस शासन काल में न तो गरीबी कम हुई, न बेरोजगारी, और न ही शिक्षा की स्थिति सुधरी।
प्रशांत किशोर ने साफ कहा कि बिहार की बदहाली का सबसे बड़ा कारण शिक्षा की अनदेखी है। उन्होंने कहा, “हमारे यहां के बच्चों को स्कूल बैग नहीं, बल्कि मजदूरी के बोरे उठाने पर मजबूर कर दिया गया। जन सुराज का सपना है कि बिहार के बच्चे बोरा नहीं, किताबों से भरा स्कूल बैग उठाएं, पढ़ें, नौकरी करें और एक बेहतर जीवन जिएं।”
जन सुराज पार्टी को हाल ही में चुनाव आयोग की तरफ से ‘स्कूल बैग’ चुनाव चिन्ह मिला है। पार्टी ने इस प्रतीक को शिक्षा और बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। प्रशांत किशोर ने कहा कि ये सिर्फ चुनावी चिन्ह नहीं, बल्कि पार्टी के विजन का प्रतीक है, एक ऐसा बिहार जहां शिक्षा के माध्यम से गरीबी, अशिक्षा और बेरोजगारी को जड़ से मिटाया जा सके।
पीएम मोदी पर भी साधा निशाना
प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र में 11 साल से भाजपा की सरकार है और राज्य में भी 20 साल से वही दल या उनके सहयोगी सत्ता में हैं, फिर भी बिहार की स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया, “हम आज भी भूख, बेरोजगारी और लाचारी से जूझ रहे हैं। इतने सालों में ऐसा कौन-सा एक क्षेत्र है, जिसमें बिहार ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया हो?”
उन्होंने सरकार पर आंकड़ों की हेराफेरी का भी आरोप लगाया, खासकर शौचालय निर्माण और शिक्षा सुधार के क्षेत्र में। किशोर का मानना है कि आंकड़ों की बाजीगरी से जमीन पर हालात नहीं बदलते।
फिलहाल बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं, जिसमें से एनडीए के पास 131 सीटें हैं। बीजेपी 80, जेडीयू 45, हम पार्टी 4 और 2 निर्दलीय विधायकों का समर्थन है। वहीं विपक्षी इंडिया गठबंधन के पास 111 सीटें हैं, जिसमें आरजेडी 77, कांग्रेस 19, सीपीआई(एमएल) 11, सीपीआई(M) 2 और सीपीआई 2 सीटों पर काबिज हैं।