DPS Patna
DPS Patna: दिल्ली पब्लिक स्कूल, पटना ईस्ट में केंद्रीय शिक्षा संस्था द्वारा ‘कहानी सुनाना: एक शैक्षणिक प्रक्रिया’ विषय पर एक प्रभावशाली प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्घाटन विद्यालय के प्राचार्य डॉ. राकेश अल्फ्रेड, डीएलएड हेड मोहम्मद अफाक इक़बाल और मुख्य वक्ता रजनीति मेहता एवं सुष्री भूपता ने किया।
इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों एवं प्रतिनिधियों को शैक्षणिक क्षेत्र में कहानी सुनाने की कला को समझना और अपनाना था। कार्यक्रम में भाग ले रहे शिक्षकों को बताया गया कि कहानी सुनाना केवल रचनात्मकता को ही नहीं बढ़ाता बल्कि यह बच्चों के समग्र शिक्षण अनुभव को भी समृद्ध करता है। शिक्षकों ने जाना कि कैसे कहानी के माध्यम से छात्रों को उनके दैनिक जीवन से जोड़ते हुए पाठों को अधिक प्रभावशाली और यादगार बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने स्वयं कहानियाँ तैयार कीं और उन्हें प्रस्तुत भी किया। इन सत्रों के माध्यम से शिक्षकों को संप्रेषण कौशल, कहानी कहने की तकनीक, और छात्रों के साथ जुड़ाव बनाने के तरीके सिखाए गए।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. राकेश अल्फ्रेड ने कहा, “कहानी सुनाना एक पुरानी कला है जो आज भी सबसे प्रभावी शैक्षणिक उपकरणों में से एक है। यह बच्चों के मन में नए विचारों की नींव रखती है।”
कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों को प्रेरित किया गया कि वे अपनी शिक्षण पद्धति में रचनात्मकता और तकनीकी दृष्टिकोण को शामिल करें, ताकि शिक्षा को अधिक प्रभावशाली और आनंददायक बनाया जा सके।
दिल्ली पब्लिक स्कूल, पटना ईस्ट द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल शिक्षकों के कौशल को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था, बल्कि यह नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए स्कूल की प्रतिबद्धता का परिचायक भी रहा।