Bihar Bandh: बिहार में आज महागठबंधन के बुलाए गए बिहार बंद का व्यापक असर देखा गया। बंद का सबसे ज्यादा असर पटना, गया, भोजपुर, सीवान, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर समेत कई जिलों में पड़ा। बंद की वजह से ही सुबह से ही सड़कें जाम रहीं, कई जगह ट्रेनें रोकी गईं, यहां तक कि बाजारों में दुकानें नहीं खुलीं और स्कूल-कॉलेजों में उपस्थिति कम रही।
Bihar Bandh: क्यों बुलाया गया बिहार बंद?
दरअसल बिहार में आज मतदाता सूची जीन पुनरीक्षण के विरोध को लेकर बंद रखा गया है। महागठबंधन में शामिल सभी घटक दलों के प्रमुख नेता सड़कों पर उतरे। इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी पटना पहुंचे और महागठबंधन की ओर से आयोजित विरोध मार्च में शामिल हुए।
Bihar Bandh: विरोध तेजस्वी संग राहुल
इस विरोध मार्च में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और मतदाता पुनरीक्षण को लेकर विरोध जताया। पटना के इनकम टैक्स चौराहे से राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और दीपांकर भट्टाचार्य एक गाड़ी में सवार होकर प्रदर्शन करते चुनाव आयोग के ऑफिस के लिए निकले। लेकिन थोड़ी ही देर में पुलिस ने सभी नेताओं को सचिवालय थाने के बाद बैरिकेडिंग कर रोका। उन्हें यहां से आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई।
Bihar Bandh: सड़कों से रेलवे ट्रैक तक दिखा असर
बिहार बंद का असर सबसे ज्यादा सड़क परिवहन और रेल यातायात पर पड़ा। पटना से लेकर आरा, दरभंगा, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर जलाए, जगह-जगह बैरिकेड लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी।
पटना में डाकबंगला चौराहे पर सुबह से ही विपक्षी दलों के कार्यकर्ता जुट गए और जमकर नारेबाजी की। हालांकि पुलिस ने उन्हें समझाकर हटाने की कोशिश की, लेकिन कई जगहों पर हल्की धक्का-मुक्की भी हुई।
रेलवे को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आरा में बंद समर्थकों ने पटना-मुग़लसराय ट्रैक पर ट्रेन को रोक दिया, जिससे अप-डाउन ट्रेनों की रफ्तार धीमी रही। कई यात्रियों को स्टेशन पर घंटों फंसे रहना पड़ा।
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Bihar Bandh: आम लोग हुए परेशान
बंद के कारण सबसे ज्यादा परेशानी आम लोगों को झेलनी पड़ी। स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चे, दफ्तर के कर्मचारी और अस्पताल जाने वाले मरीज सड़कों के बीच ही फंसे रहे। पटना में फांसी एक महिला ने बताया, “बेटे को लेकर अस्पताल जा रही थी, लेकिन बंद के चलते ऑटो नहीं मिले। किसी तरह पैदल ही अस्पताल पहुंचना पड़ा।”
व्यापारियों का भी कहना है कि राजनीतिक दल बंद बुलाकर आम जनता की कमर तोड़ देते हैं। पटना के बाकरगंज में दुकानदार अरुण साह ने कहा, “हम रोज कमा कर खाते हैं, ऐसे बंद में एक दिन की कमाई भी खत्म हो जाती है।”
Bihar Bandh: प्रशासन ने किया सुरक्षा का दावा
बिहार पुलिस ने बंद को देखते हुए पूरे राज्य में भारी पुलिस बल की तैनाती की थी। जगह-जगह मजिस्ट्रेटों की भी ड्यूटी लगाई गई। पटना के एसएसपी राजीव मिश्रा ने कहा, “बंद के मद्देनजर हर संवेदनशील इलाके में पुलिस की तैनाती है। अब तक कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई है।”
Bihar Bandh: सरकार ने विपक्ष पर साधा निशाना
बिहार के जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा, “राजद और उसके सहयोगी दल सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए बंद करवा रहे हैं। इन्हें आम जनता की परेशानी से कोई लेना देना नहीं है। कानून-व्यवस्था पर सरकार पूरी तरह मुस्तैद है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
Bihar Bandh: जनता ही पिस रही है
बिहार बंद ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या राजनीतिक विरोध जताने का तरीका यही होना चाहिए कि आम लोगों को सड़क पर रोका जाए? क्या स्कूल जाते बच्चों और अस्पताल जाते मरीजों को परेशान करना जायज है? विपक्ष जहां सरकार को घेरने में जुटा है, वहीं आम जनता हर बार की तरह इस सियासी बंद की सबसे बड़ी कीमत चुका रही है।