हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Damage due to rain in Himachal Pradesh : हिमाचल प्रदेश में इस मानसून ने कहर और तबाही का नया रिकॉर्ड बनाया है। 2025 में जारी मानसून ने हिमाचल प्रदेश में काफी तबाही मचा रखी है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 15 जुलाई तक के जमा किए गए डेटा से पता चला है कि अब तक हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण लगभग 81,803.12 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है।
मानसून (Monsoon) में हो रही बर्बादी का ब्यौरा और स्थिति की निगरानी हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग-डीएम सेल के अंतर्गत राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) सक्रिय रूप से कर रहा है। विभाग का दावा है कि इस मानसून सीजन (20 जून, 2025 से 15 जुलाई, 2025) के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में कुल मौतों की संख्या 106 पहुंच गई है।
Himachal Pradesh : इन कारणों से बढ़ी मौतों की संख्या
विभाग के अनुसार, भारी बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक बाढ़, बादल फटना, नदी में डूबना, बिजली गिरना, सांप के काटने, बिजली का झटका लगना और पेड़ों/खड़ी चट्टानों से गिरने सहित बारिश से संबंधित घटनाओं में लगभग 62 लोगों की मौत हो गई है।
बिलासपुर (5), चंबा (3), हमीरपुर (8), मंडी (17), शिमला (3), सिरमौर (1), कांगड़ा (14), किन्नौर (1), कुल्लू (4), लाहौल और स्पीति (1) और ऊना (5)।
बारिश से जुड़ी मौतों के अलावा, इस सीजन पूरे राज्य भर में सड़क दुर्घटनाओं में 44 लोगों ने अपनी जान गवाई। जिलों के हिसाब से देखे तो बिलासपुर में 3, चंबा में 6, हमीरपुर में 1, शिमला में 4, सिरमौर में 1, सोलन में 6, कांगड़ा में 3, किन्नौर में 5, कुल्लू में 7, लाहौल और स्पीति में 1, मंडी में 4 और ऊना में 3 मौतें हुईं।
Himachal Pradesh : इन घटनाओं से बढ़ा नुकसान
मानसून ने हिमाचल प्रदेश में संपत्ति और यहां के बुनियादी ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। रिपोर्ट की गई प्रमुख घटनाओं में शामिल हैं:
25 जून को कांगड़ा ज़िले के खनियारा खड्ड में अचानक आई बाढ़ में 7 लोगों की मौत हो गई और 1-2 लोग अभी भी लापता हैं, बचाव अभियान जारी है। कुल्लू में, सोलंग से अटल टनल रोड पर फर्स्ट स्नो गैलरी के पास 25 जून, 2025 को अचानक आई बाढ़ में 1 व्यक्ति की मौत हो गई और 2 लोग लापता हैं।
6 जुलाई को चंबा ज़िले के बागेही के पास बादल फटने से एक घराट और एक पुल बह गया। कुल्लू में, 25 जून को सैंज घाटी में मझान नाले के पास बादल फटने से सड़कों, वाहनों और घरों को भारी नुकसान हुआ, एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई और लापता लोगों की तलाश और बचाव अभियान जारी है।
यह भी पढ़ें – बोकारो में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 1 जवान शहीद, यहां पढ़ें राज्य की बड़ी खबरें
मंडी ज़िले में कई बार बादल फटने की घटनाएं हुईं, जिसके कारण करसोग में 60 घर, 51 गौशालाएं, 33 मवेशी, 10 दुकानें और 5 छोटे पुल क्षतिग्रस्त हो गए, 2 लोगों की मौत हो गई और 1 व्यक्ति लापता हो गया। मंडी के थुनाग क्षेत्र में बादल फटने से कुल 599 घर, 277 गौशालाएं, 146 दुकानें, 482 मवेशी, 31 वाहन और 6 पुल तहस-नहस हुए।
Himachal Pradesh : राहत व बचाव कार्य जारी
3 जुलाई को चंबा ज़िले के कलियुं गांव में हुए भूस्खलन में मलबे में दबकर एक व्यक्ति की मौत हो गई। 25 जून, 2025 को लाहौल और स्पीति में लारी के पास हुए भूस्खलन में एक व्यक्ति घायल हो गया और दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
भूस्खलन के कारण लाहौल-स्पीति में राष्ट्रीय राजमार्ग 505 और मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग 21 सहित प्रमुख सड़कें भी अवरुद्ध हो गई हैं। भूस्खलन के कारण सोलन में दो स्थानों पर कालका-शिमला रेलवे ट्रैक अवरुद्ध हो गया।
भारी बारिश से प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है, और फंसे हुए लोगों की सहायता और सहायता के लिए NDRF, SDRF और होमगार्ड की टीमें तैनात हैं। विस्थापित परिवारों को आश्रय देने के लिए कई राहत शिविर बनाए गए हैं।