चिराग पासवान ने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने का किया ऐलान
Bihar Polls: बिहार चुनाव नजदीक आते ही सियासी पारा भी चढ़ने लगा है। केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने बिहार की राजनीति को एक नई दिशा देते हुए यह घोषणा कर दी कि वे विधानसभा चुनाव में खुद मैदान में उतरेंगे। सारण जिले में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए चिराग पासवान ने यह बड़ा ऐलान किया।
Bihar Polls: जनता के बीच किया सीधा संवाद
चिराग पासवान ने कहा कि अब यह सवाल लगातार उठाया जा रहा है कि क्या वे चुनाव लड़ेंगे। जिसके जवाब में उन्होंने मंच से स्पष्ट कहा, “मैं सारण की इस धरती से ऐलान करता हूं कि चिराग पासवान बिहार में विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। मैं यह चुनाव बिहार के उज्जवल भविष्य के लिए, अपने भाइयों, बहनों और माताओं के लिए लड़ूंगा। हम ऐसी व्यवस्था बनाएंगे, जो हमारे राज्य बिहार को प्रगति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाएगी। मैं अपने पिता रामविलास पासवान जी के अधूरे सपनों को पूरा करूंगा और ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ के नारे को मजबूत करूंगा। बिहार के लिए जिऊंगा और मरूंगा।”
Bihar Polls: अधिवास नीति पर भी लिया बड़ा स्टैंड
चिराग पासवान ने इस दौरान राज्य में सरकारी नौकरियों में अधिवास नीति लागू करने का भी खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह बिहार के युवाओं की ये मांग लंबे समय से मांग रही है। उन्होंने कहा कि वे बिहार में ऐसी नीति लागू करने के पक्षधर हैं, जिससे राज्य के युवाओं को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाए।
Bihar Polls: अधिवास नीति पर बढ़ाया एनडीए का सिरदर्द
दिलचस्प बात यह है कि चिराग बिहार एनडीए के पहले नेता बन गए हैं, जिन्होंने अधिवास नीति लागू पर अपना स्टैंड एकदम क्लियर कर दिया। हालांकि इससे पहले राज्य में नीतीश कुमार की सिरदर्दी जरूर बढ़ी क्योंकि नीतीश की अगुवाई वाली सरकार यह कहकर ऐसी किसी नीति को लागू करने से साफ मना कर चुकी है कि यह संविधान की भावना के खिलाफ होगा।
Bihar Polls: विपक्ष पर साधा निशाना
चिराग पासवान ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “ये वही लोग हैं जिन्होंने 90 के दशक में बिहार को पूरी तरह से बर्बाद करके रख दिया। आज जब ये विकास की बात करते हैं, तो हमें हंसी आ जाती है। राजद और कांग्रेस ने कभी बिहार के युवाओं के बारे में नहीं सोचा। वे हमेशा जनता को बहकाते आए हैं। फिर से इन्हें मौका मिला, तो ये विरासत कर के नाम पर आपकी आधी से ज्यादा संपत्ति छीन लेंगे।”
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिवास नीति को 2006 में लागू किया गया था, मगर बाद में विपक्षी दलों ने सत्ता में आकर उसे वापस ले लिया। चिराग ने कहा कि वह राज्य के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस नीति को दोबारा लागू कराने की पूरी कोशिश करेंगे।
चिराग के ऐलान से बढ़ेगी नीतीश की चिंता
अब जब चिराग ने चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है तो जाहिर सी बात है कि अबकी बार चिराग विधानसभा चुनाव में कई सीटें मांगेंगे तो नीतीश की पार्टी (JDU) को अपने कोटे की सीटें छोड़नी होंगी। यह NDA में आपसी खींचतान का कारण बनेगा। अगर BJP चिराग को ज्यादा सीटें देती है तो जेडीयू असहज होना भी तय है. इसका मतलब गठबंधन में तालमेल कमजोर पड़ सकता है। पिछले चुनाव में भी जेडीयू को चिराग के उम्मीदवारों की वजह से नुकसान उठाना पड़ा था।
Bihar Polls: तेजस्वी यादव के वादे पर कटाक्ष
तेजस्वी यादव की अगुवाई वाले गठबंधन पर निशाना साधते हुए चिराग ने कहा कि वे अधिवास नीति लागू करने का वादा कर रहे हैं, लेकिन जनता को यह नहीं भूलना चाहिए कि बिहार में पिछली बार जब उनका शासन था, तब उन्होंने राज्य को किस स्थिति में पहुंचा दिया था। उन्होंने कहा, “आज ये बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं, लेकिन बिहार की जनता सब जानती है। हम बिहार को फिर से उन अंधेरे दिनों में नहीं जाने देंगे।”
Bihar Polls: विकास और युवाओं की बात
चिराग पासवान ने अपने संबोधन में खासतौर पर युवाओं को तवज्जो दी। उन्होंने कहा कि बिहार की सबसे बड़ी ताकत यहां के युवा हैं और इसलिए उनकी प्राथमिकता होगी कि इन युवाओं को रोजगार, अच्छी शिक्षा और सुरक्षित भविष्य मिले। उन्होंने कहा कि वे बिहार में ऐसी नीतियां बनाएंगे जो सीधे युवाओं के हित के लिए होगी।
Bihar Polls: क्या कहता है राजनीतिक परिदृश्य
बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पहले ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। तेजस्वी यादव ने भी हाल में कहा है कि उनकी सरकार बनी तो अधिवास नीति को लागू किया जाएगा। ऐसे में चिराग पासवान का यह दांव न केवल एनडीए के भीतर नई बहस छेड़ेगा बल्कि बिहार की सियासत को भी और रोचक बनाएगा।