खाने में मिली छिपकली
Mid-Day Meal: झारखंड के गोड्डा जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक स्कूल में मिड-डे मील में छिपकली पाए जाने के कारण कई छात्राएं बीमार हो गईं। इस घटना के सामने आते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। सभी प्रभावित बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है।

Mid-Day Meal: मिड-डे मील बना खतरा, बच्चों की हालत बिगड़ी
बताया जा रहा है कि गोड्डा जिले के एक सरकारी स्कूल में बच्चों को मिड-डे मील के तहत खाना परोसा गया। खाना खाते वक्त कुछ छात्राओं को स्वाद और गंध में गड़बड़ी महसूस हुई। जांच करने पर भोजन में एक मरी हुई छिपकली मिली, बच्चों में घबराहट और उल्टियों की शिकायतें आने लगीं।
स्कूल प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत स्थानीय अस्पताल को सूचित किया और बच्चों को वहां से ले जाया गया। उपचार के बाद कई बच्चों की हालत में सुधार देखा गया है, लेकिन एहतियातन सभी को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है, ताकि किसी को कोई दिक्कत न हो।
Mid-Day Meal: स्वास्थ्य मंत्री खुद निगरानी में जुटे
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने इस पर तुरंत संज्ञान लिया और ट्वीट कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि गोड्डा जिले के विद्यालय में मिड-डे मील में छिपकली पाए जाने की घटना बेहद गंभीर है। अस्वस्थ हुए छात्राओं का समुचित इलाज सुनिश्चित किया गया है। सभी प्रभावित छात्राओं की हालत फिलहाल स्थिर है और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। मैं स्वयं विभागीय अधिकारियों के साथ सीधे संपर्क में हूं और अस्पताल में भर्ती बच्चों की स्थिति की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा कर रहा हूं।”
स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और बच्चों के स्वास्थ्य में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
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Mid-Day Meal: स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय
गोड्डा के सिविल सर्जन ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों की विशेष टीम बनाई गई है, जो प्रभावित बच्चों की हर घंटे स्वास्थ्य स्थिति की रिपोर्ट तैयार कर रही है। बच्चों को एंटी-बायोटिक, रीहाइड्रेशन सॉल्यूशन और आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं। वहीं स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्यकर्मियों को ये भी निर्देश दिया गया है कि वे मिड-डे मील की गुणवत्ता और स्वच्छता की सघन जांच करें।
Mid-Day Meal: मिड-डे मील पर उठे सवाल, शिक्षा विभाग करेगा जांच
यह घटना सामने आने के बाद मिड-डे मील योजना की निगरानी और भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि इस मामले की जांच करवाई जाएगी। भोजन तैयार करने वाले रसोई कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।
जिला शिक्षा अधीक्षक ने बताया कि रसोईघर की साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की स्टॉक रजिस्टर और कुकिंग प्रक्रिया की भी समीक्षा होगी ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
Mid-Day Meal: अभिभावकों में चिंता, सरकार ने दिलाया भरोसा
इस घटना के बाद बच्चों के अभिभावकों को चिंता सताने लगी है। कई माता-पिता अस्पताल आकर अपने बच्चों की हालत की जानकारी ले रहे हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि किसी भी बच्चे की तबियत बिगड़ने नहीं दी जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में बच्चों की सेहत से खिलवाड़ न हो।
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Mid-Day Meal: कई जिलों में पहले भी आई हैं ऐसी घटनाएं
झारखंड में मिड-डे मील के दौरान गड़बड़ी की यह कोई इस तरह की पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कुछ जिलों में भोजन में कीड़े, छिपकलियां और अन्य गंदगी मिलने के मामले सामने आ चुके हैं। इन मामलों में विभागीय कार्रवाई भी हुई है। स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग दोनों ने मिलकर भोजन की गुणवत्ता पर सख्ती से नजर रखने की बात कही है।
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