शुभमन गिल (सोर्स- सोशल मीडिया)
IND vs ENG: मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले जा रहे चौथे टेस्ट में टीम इंडिया की हालत बेहद खराब नजर आ रही है। इंग्लैंड की टीम ने न केवल बल्लेबाजी में दबदबा बनाया बल्कि भारतीय गेंदबाज़ों को भी पूरी तरह से बेअसर कर दिया। भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी में कुछ खास नहीं कर पाई और 358 रनों पर सिमट गई। लेकिन असली निराशा गेंदबाज़ी में नजर आई, जहां टीम कोई खास असर नहीं छोड़ पाई। इस कमजोर प्रदर्शन के बीच कप्तान शुभमन गिल की रणनीतियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
गिल की रणनीति में चूक
टेस्ट के दौरान शुभमन गिल की दो बड़ी रणनीतिक चूक ने टीम इंडिया को बैकफुट पर धकेल दिया है। सबसे पहली गलती वाशिंगटन सुंदर को लेकर हुई। तीसरे टेस्ट में सुंदर ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 4 विकेट झटके थे और इंग्लिश बल्लेबाज़ों को काफी परेशान किया था। लेकिन चौथे टेस्ट में, कप्तान गिल ने उन्हें शुरुआती 68 ओवरों तक गेंद ही नहीं सौंपी। जब उन्हें मौका मिला, तो सुंदर ने तुरंत प्रभाव दिखाया और अपने पांचवें ओवर में ही ओली पोप को आउट कर पवेलियन भेजा। फिर उन्होंने अपने सातवें ओवर में हैरी ब्रुक को भी चलता कर दिया।
सुंदर की शानदार गेंदबाजी
इससे यह साफ हो जाता है कि अगर सुंदर को जल्द मौका मिलता, तो इंग्लैंड की टीम शायद 400 रन पार न कर पाती। सुंदर ने अब तक इस मैच में सबसे प्रभावशाली गेंदबाज़ी की है, जिससे गिल की कप्तानी पर सवाल उठना लाजिमी है।
कप्तान की दूसरी गलती
गिल की दूसरी बड़ी चूक शार्दुल ठाकुर को लेकर मानी जा रही है। मौजूदा सीरीज में शार्दुल को दो टेस्ट मैचों में मौका मिला है, लेकिन गिल ने उन्हें गेंदबाज़ी करने के लिए शायद ही इस्तेमाल किया हो। अगर कप्तान को उनकी गेंदबाज़ी पर भरोसा नहीं है, तो फिर उन्हें टीम में शामिल करना ही समझ से बाहर है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या शार्दुल बतौर बल्लेबाज़ खेले हैं? अगर ऐसा है तो फिर टीम मैनेजमेंट करुण नायर या अभिमन्यु ईश्वरन जैसे विशेषज्ञ बल्लेबाज़ों को मौका दे सकता था।
सवालों के घेरे में गिल की कप्तानी
कुल मिलाकर शुभमन गिल की कप्तानी इस टेस्ट में आलोचना के घेरे में है। रणनीति की कमी और खिलाड़ियों के सही उपयोग में चूक ने टीम इंडिया को मुश्किल में डाल दिया है। अगर जल्द ही सुधार नहीं किया गया, तो इंग्लैंड इस मैच के साथ सीरीज़ भी अपने नाम कर सकता है।