गंभीर और मोर्कल (सोर्स- सोशल मीडिया)
IND vs ENG: भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों इंग्लैंड दौरे पर है, जहां बल्लेबाजों ने तो अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन गेंदबाज पूरी तरह से विफल साबित हुए हैं। तेज गेंदबाजों ने खासतौर पर निराश किया, जिससे टीम को टेस्ट मैचों में संघर्ष करना पड़ा है। इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में गेंदबाजों का खराब प्रदर्शन अब टीम मैनेजमेंट और कोचिंग स्टाफ पर सवाल उठाने लगा है।
कोचिंग स्टाफ पर उठे सवाल
टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ की जमकर आलोचना हो रही है। फैन्स और विशेषज्ञ अब कोचिंग टीम की रणनीतियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। बताया जा रहा है कि बीसीसीआई (BCCI) इस स्थिति से बिल्कुल भी खुश नहीं है और एशिया कप 2025 के बाद कोचिंग स्टाफ में कुछ बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
मोर्ने मोर्कल और रयान टेन डोएशेट की छुट्टी तय
द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल और सहायक कोच रयान टेन डोएशेट पर गाज गिर सकती है। टीम प्रबंधन और चयनकर्ता उनके कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि एशिया कप के बाद इन दोनों को कोचिंग स्टाफ से हटाया जा सकता है।
गौतम गंभीर रहेंगे सुरक्षित
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मुख्य कोच गौतम गंभीर की भूमिका पर कोई खतरा नहीं है। बीसीसीआई गंभीर के काम से संतुष्ट है और उन्हें भविष्य में भी बनाए रखने की योजना है। वहीं, बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक और फील्डिंग कोच टी. दिलीप को भी हटाने का कोई विचार नहीं है।
तेज गेंदबाज तैयार न कर पाने से नाराज़ BCCI
बीसीसीआई के अधिकारियों का मानना है कि मोर्ने मोर्कल को टीम से जुड़े एक साल हो चुका है, लेकिन वह अब तक कोई नया तेज गेंदबाज तैयार नहीं कर पाए हैं। उल्टा, पिछले एक साल में भारतीय पेस अटैक का प्रदर्शन लगातार गिरा है, जिससे बोर्ड नाराज़ है। इसी वजह से अब विदेशी कोचों की जगह भारतीय चेहरों को मौका दिए जाने की संभावना है।
विदेशी कोचों की होगी विदाई?
अगर मोर्कल और टेन डोएशेट को हटा दिया जाता है तो भारतीय कोचिंग स्टाफ में कोई भी विदेशी सदस्य नहीं बचेगा। यह भी संकेत हैं कि टीम प्रबंधन अब पूरी तरह से भारतीय सपोर्ट स्टाफ पर भरोसा करना चाहता है, ताकि घरेलू प्रतिभाओं को बेहतर समझ और मार्गदर्शन मिल सके।