आकिब नबी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Auqib Nabi: दलीप ट्रॉफी 2025 के क्वार्टर फाइनल में नॉर्थ ज़ोन और ईस्ट ज़ोन के बीच खेले जा रहे मुकाबले में जम्मू-कश्मीर के तेज़ गेंदबाज़ आकिब नबी ने धमाकेदार प्रदर्शन किया। उन्होंने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की जो क्रिकेट में बेहद दुर्लभ मानी जाती है डबल हैट्रिक। यानी लगातार चार गेंदों पर चार विकेट लेकर उन्होंने क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को चौंका दिया।
कैसे हुआ डबल हैट्रिक का कमाल
आकिब नबी ने नॉर्थ ज़ोन की ओर से गेंदबाज़ी करते हुए 53वें ओवर की चौथी गेंद पर अपना पहला विकेट लिया। इसके बाद 52.5 और 52.6 गेंदों पर दो और विकेट झटके और हैट्रिक पूरी कर ली। फिर उन्होंने अगला ओवर (55वां) शुरू करते ही पहली ही गेंद पर एक और विकेट निकाल कर लगातार चार गेंदों पर चार विकेट हासिल किए। क्रिकेट के नियमों के मुताबिक, ऐसा प्रदर्शन डबल हैट्रिक कहलाता है।
पांच विकेट लेकर किया कमाल पूरा
केवल डबल हैट्रिक ही नहीं, बल्कि आकिब ने इस पारी में कुल 5 विकेट लेकर अपने प्रदर्शन को और भी खास बना दिया। उन्होंने 10.1 ओवर में 28 रन देकर ये पांच विकेट हासिल किए। उनकी घातक गेंदबाज़ी के आगे ईस्ट ज़ोन की पूरी बल्लेबाज़ी लड़खड़ा गई और टीम 230 रनों पर सिमट गई।
नॉर्थ ज़ोन की पहली पारी रही मजबूत
इससे पहले नॉर्थ ज़ोन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 93.2 ओवर में 405 रन बनाए। बल्लेबाज़ी में कन्हैया वधावन ने 76 और आयुष बदोनी ने 63 रन की अहम पारियां खेलीं। इन दोनों बल्लेबाज़ों की मदद से टीम ने मजबूत स्कोर खड़ा किया।
ईस्ट ज़ोन की बल्लेबाज़ी रही फीकी
जवाब में ईस्ट ज़ोन की शुरुआत अच्छी नहीं रही और आकिब की घातक गेंदबाज़ी के चलते पूरी टीम दूसरे ही दिन 230 रन पर ऑलआउट हो गई। ईस्ट ज़ोन के लिए सबसे ज़्यादा रन विराट सिंह ने बनाए, जिन्होंने 69 रनों की जुझारू पारी खेली, लेकिन बाकी बल्लेबाज़ टिक नहीं सके।
दूसरे दिन नॉर्थ ज़ोन का बढ़त में
दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक ईस्ट ज़ोन नॉर्थ ज़ोन से 175 रन पीछे है। इस मैच में नॉर्थ ज़ोन का दबदबा साफ नज़र आ रहा है और आकिब नबी की डबल हैट्रिक ने इस मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा बना दिया है।
नबी की गेंदबाज़ी बनी चर्चा का विषय
आकिब नबी का यह प्रदर्शन न सिर्फ दलीप ट्रॉफी, बल्कि भारतीय घरेलू क्रिकेट में भी चर्चा का विषय बन गया है। उनकी डबल हैट्रिक ने उन्हें एक नई पहचान दिलाई है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि वे आगे राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नज़रों में कैसे आते हैं।