हिमंता बिस्वा सरमा, फोटो - सोशल मीडिया
Kamakhya Temple: कामाख्या मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए जल्द ही एक बड़ी सौगात आने वाली है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद दो नए रोपवे प्रोजेक्ट्स की घोषणा की, जिससे मंदिर तक पहुंचना अब पहले से ज्यादा आसान और सुविधाजनक हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि एक रोपवे कामाख्या स्टेशन से कामाख्या मंदिर तक बनेगा और दूसरा सोनाराम फील्ड से मंदिर तक बनाया जाएगा। इन दोनों रोपवे का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने वाला है और टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। साथ ही, राज्य सरकार कई अन्य रोपवे प्रोजेक्ट्स पर भी अध्ययन कर रही है ताकि पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बेहतर कनेक्टिविटी दी जा सके।
श्रद्धालुओं के लिए राहत की खबर
कामाख्या मंदिर हर साल लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है, लेकिन मंदिर तक की चढ़ाई कई लोगों के लिए कठिन होती है। ऐसे में यह रोपवे सेवा बुजुर्गों, बच्चों और शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए राहत का काम करेगी। इसके साथ ही यह सुविधा यात्रा का समय भी काफी कम करेगी।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, “यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है। यह राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार मिलेगी।”
अंबुबाची मेले के बाद किया मां कामाख्या का दर्शन
मुख्यमंत्री ने मंदिर का दर्शन अंबुबाची मेला समाप्त होने के दो दिन बाद किया। उन्होंने कहा, “मेले के दौरान भीड़ बहुत ज्यादा थी, इसलिए मैं आज अपनी पत्नी और बच्चों के साथ माता के दर्शन करने आया हूं।”
उन्होंने मंदिर प्रबंधन समिति, पर्यटन विभाग और अन्य सहयोगियों का आभार जताया, जिन्होंने अंबुबाची मेले का सफल आयोजन किया। इस वर्ष अंबुबाची मेला 22 जून से 26 जून तक आयोजित हुआ था। यह मेला देवी कामाख्या के प्राकृतिक मासिक धर्म चक्र को समर्पित है और शक्ति पूजा का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है।
आस्था और पर्यटन का संगम
कामाख्या मंदिर न केवल धार्मिक महत्व का स्थल है, बल्कि यह भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। यहां हर साल अंबुबाची मेला, दुर्गा पूजा, मनसा पूजा, वसंती पूजा जैसे अनगिनत धार्मिक आयोजन होते हैं, जो देश-विदेश से श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं।