झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया प्रखंड में छात्रों के लिए मुफ्त बांटने के लिए रखी गई पाठ्यपुस्तकों के चोरी होने और कथित तौर पर कबाड़ में बेचे जाने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक जिला स्तरीय जांच समिति गठित की है, जो कि इस मामले की 48 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा.
FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू
प्रशासन ने इस मामले में फौरन कार्रवाई करते हुए घाटशिला अनुमंडल के चाकुलिया थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई है. जिस प्रखंड संसाधन केंद्र में छात्रों की ये पुस्तकें रखी गई थीं, वहां तैनात गार्ड को सस्पेंड भी कर दिया गया. और उसे पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया है.
भवनों और स्कूलों को किया सील
जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से उन सभी भवनों और स्कूलों को भी सील कर दिया है, जहां मुफ्त बांटने के लिए पाठ्यपुस्तकें रखी गई थीं. उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने चाकुलिया के प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को इस मामले में 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया गया है. साथ ही, जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को अपने-अपने प्रखंडों में पुस्तक वितरण प्रणाली की समीक्षा कर प्रशासन को रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया गया है.
बच्चों की पढ़ाई के साथ खिलवाड़
यह घटना शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही और जवाबदेही की कमी की पोल खोलती है. लेकिन झारखंड में प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से उम्मीद है कि दोषियों को जल्द सजा मिलेगी और आगे से ऐसी किसी भी घटना से बचा जा सका, यहां सवाल बस ये नहीं की किताबों को बेचा किसने बल्कि ये भी है कि जिन छात्रों के लिए किताबें लाई गई थी क्या उन्हें किताबें मिल पाएगी, या फिर उन्हें घरवालों की जेब से पैसे खर्च होंगे