राखी बांधने का सही तरीका (सोर्स- सोशल मीडिया)
Rakshabandhan 2025: आज पूरे देश में भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर बहनें अपने भाई की दाहिनी कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बांधती हैं और उसके सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना करती हैं। बदले में भाई अपनी बहन को हर परिस्थिति में उसकी रक्षा करने का वचन देता है।
आज है सर्वार्थ सिद्धि और शोभन योग
इस बार रक्षाबंधन का पर्व बेहद शुभ संयोग में मनाया जा रहा है। आज सर्वार्थ सिद्धि योग और शोभन योग दोनों बन रहे हैं, जो किसी भी कार्य की सफलता के लिए उत्तम माने जाते हैं। खास बात यह है कि इस वर्ष रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं है, जिससे यह दिन पूर्ण रूप से शुभ माना जा रहा है। हालांकि, राहुकाल को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
सावन पूर्णिमा की तिथि 8 अगस्त दोपहर 2:12 बजे से शुरू हुई थी और यह 9 अगस्त दोपहर 1:24 बजे तक रहेगी। राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5:47 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक रहेगा। राहुकाल सुबह 9:07 से 10:47 बजे तक और दुर्मुहूर्त सुबह 5:47 से 7:34 बजे तक रहेगा, जिसमें राखी बांधने से बचना चाहिए। शुभ समय 7:34 से 9:06 बजे और 10:47 से 1:24 बजे तक है।
राखी बांधने का सही तरीका
रक्षा बंधन की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना शुभ माना जाता है। इसके बाद बहनें राखी की थाली सजाएं और भाई को उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठाएं। भाई के सिर को कपड़े से ढकना चाहिए। इसके बाद बहन भाई को लाल चंदन, रोली, दही और अक्षत से तिलक करें।
मंत्रों के साथ करें रक्षा सूत्र का विधान
राखी बांधते समय यह मंत्र पढ़ें:
“येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबल:।
तेन त्वां प्रतिबध्नामि, रक्षे माचल माचलः।।”
तिलक के बाद दीपक जलाते समय यह मंत्र बोलें:
“शुभं करोति कल्याणं, आरोग्यं धनसंपदाम्,
शत्रु बुद्धि विनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते।”
बहन और भाई दोनों निभाएं रसम
राखी बांधने के बाद बहन भाई को मिठाई खिलाए और आरती उतारे। भाई यदि बड़ा हो, तो बहन आशीर्वाद ले, और यदि छोटा हो, तो उसे उपहार दे। भाई भी बहन को उपहार व धन भेंट करे और अगर बहन बड़ी है तो उसके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेना चाहिए।