प्रियंका गांधी, फोटो - सोशल मीडिया
Odisha Crime News: ओडिशा के गंजाम जिले के गोपालपुर बीच पर 20 वर्षीय कॉलेज छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस शर्मनाक वारदात के बाद राजनीतिक गलियारों में भी आक्रोश दिख रहा है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता न देना, स्वयं उनके साथ एक गंभीर अन्याय है।
प्रियंका गांधी ने क्या कहा?
बुधवार को सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर प्रियंका गांधी ने लिखा, “गोपालपुर, ओडिशा में 10 पुरुषों द्वारा एक छात्रा के साथ की गई बर्बरता की घटना की जितनी निंदा की जाए, कम है। ओडिशा में महिलाओं के खिलाफ हिंसा दिन-ब-दिन बढ़ रही है। जब खुद मुख्यमंत्री यह मानते हैं कि पिछले पांच वर्षों में लगभग 44,000 महिलाएं और बच्चे लापता हुए हैं, तो महिला सुरक्षा की अनदेखी अपने आप में एक गंभीर अपराध है।”
इस घटना को लेकर कांग्रेस ने ओडिशा की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला। वहीं, बीजू जनता दल (BJD) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए इसे कानून व्यवस्था की पूरी तरह से विफलता करार दिया।
नवीन पटनायक ने क्या कहा?
नवीन पटनायक ने कहा, “गोपालपुर बीच जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल पर हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना बेहद चौंकाने वाली और निंदनीय है। यह सवाल खड़ा करती है कि क्या हमारे पर्यटन स्थलों में महिलाएं सुरक्षित हैं? सरकार को महिलाओं पर बढ़ते अत्याचारों को रोकने के लिए ज्यादा सतर्क और सख्त होना पड़ेगा।”
इस मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भुवनेश्वर में विरोध मार्च निकाला, जिसे पुलिस ने मुख्यमंत्री निवास से पहले ही रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई और कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।
वहीं, पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए इस जघन्य अपराध में शामिल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें 6 बालिग और 4 नाबालिग हैं।
पुलिस अधीक्षक ने क्या जानकारी दी
बरहामपुर के पुलिस अधीक्षक श्री श्रवण विवेक एम के अनुसार, सोमवार रात करीब 8 बजे छात्रा अपने पुरुष मित्र के साथ गोपालपुर बीच पर घूम रही थी, तभी 10 स्थानीय युवकों ने उन्हें घेर लिया। इनमें से तीन ने युवती के साथ बलात्कार किया, जबकि बाकी उसके मित्र को काबू में रखते रहे।
घटना के तुरंत बाद पीड़िता और उसके साथी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई। पुलिस अब अदालत से अपील करेगी कि चारों 17 वर्षीय नाबालिगों को भी बालिग मानकर मुकदमा चलाया जाए।
ओडिशा सीएम ने क्या कहा?
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी इस घटना पर गहरा आक्रोश जताते हुए कहा कि यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि मानवता के खिलाफ अपराध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।