पुलिस की गिरफ्त में हत्याकांड के आरोपी
Khunti Pradhan Murder: झारखंड के खूंटी जिले में एक ऐसी सनसनीखेज घटना हुई, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी. काड़ेतुबिद गांव के ग्राम प्रधान और भाजपा नेता बलराम मुंडा (Balram Munda) की हत्या अपराधियों ने उनके घर में घुसकर कर दी. मामले की सूचना मिलते ही पुलिस फौरन हरकत में आई और कार्रवाई शुरू की और महज 24 घंटे के अंदर इस हत्याकांड का खुलासा कर 10 आरोपियों को दबोच लिया.
Khunti Pradhan Murder: कैसे दी गई वारदात को अंजाम?
पुलिस के मुताबिक, घटना की रात अपराधियों का एक पूरा गिरोह बलराम मुंडा के घर पहुंचा. जहां सबसे पहले उन्होंने आसपास के घरों के दरवाजे बाहर से बंद कर दिए, ताकि शोर मचाने पर भी कोई मदद को आगे ना आ सके. इसके बाद वे सीधे ग्राम प्रधान बलराम मुंडा के घर में जा घुसे. वहां उन्होंने बलराम मुंडा से पूछताछ की और घर की तलाशी ली. अपराधियों को सूचना मिली थी कि ग्राम प्रधान के घर पर 3 किलोग्राम अफीम रखी हुई है, जिसकी कीमत लाखों में है. जब तलाशी के बाद भी उन्हें अफीम नहीं मिली, तो गुस्से में आकर उन्होंने बलराम मुंडा पर गोली चला दी और धारदार हथियारों से हमला कर उनकी हत्या कर दी। अपरोधियों ने बलराम मुंडा के भांजे आचू मुंडा पर भी हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया
Khunti Pradhan Murder: हत्या का मास्टरमाइंड कौन?
खूंटी के एसपी मनीष टोप्पो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस हत्याकांड का खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड बुधराम हस्सा उर्फ मास्टर है, जो मारंगहादा थाना क्षेत्र के गड़ामड़ा गांव का है. उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस हत्या की पूरी साजिश को रचा और अंजाम दिया।
Khunti Pradhan Murder: गिरफ्त में आए 10 आरोपी
पुलिस ने इस मामले में ताबड़तोड़ छापेमारी कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें से दो आरोपी बलराम मुंडा के ही गांव काड़ेतुबिद के रहने वाले हैं। गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:
इस हत्याकांड में पुलिस ने किन किन आरोपियों को किया गिरफ्तार, यहां नाम देखिए
बुधराम हस्सा उर्फ मास्टर
बीरबल मुंडा
सीनु मुंडा
केदार मुंडा उर्फ बुध
पुष्पेन्द्र यादव
पतरस पाहन
पलटन मुंडा
पाउ पाहन
अभिषेक हस्सा
कालीप पूर्ति
इनमें पुष्पेन्द्र यादव और पतरस पाहन पर पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इनके पास से कई हथियार भी जब्त किए, जिन्हें हत्या में इस्तेमाल किया गया था।
आखिर पुलिस ने कैसे सुलझाया मामला?
एसपी मनीष टोप्पो ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वारदात की खबर मिलते ही खूंटी पुलिस की कई टीमें गठित की गईं। गांव वालों से पूछताछ, घटनास्थल की बारीकी से छानबीन और तकनीकी निगरानी की मदद से पुलिस ने इन अपराधियों तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जुडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस केस से जुड़े और संभावित तारों को भी आपस में जोड़ रही है, ताकि अगर कोई अन्य व्यक्ति भी इस साजिश में शामिल हो, तो उसे भी सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
इलाके में फैली दहशत, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
ग्राम प्रधान बलराम मुंडा की हत्या के बाद गांव में इस वक्त दहशत का माहौल है। परिवार के लोग अभी भी सदमे में हैं। बलराम मुंडा न सिर्फ ग्राम प्रधान थे, वो भाजपा के सक्रिय नेता भी थे। उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि इलाके में मजबूत मानी जाती थी। इस हत्याकांड से गांव के कई लोगों ने कहा कि अपराधियों ने ऐसा कृत्य करके गांव की शांति को चकनाचूर कर दिया है। लोगों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।