जसप्रीत बुमराह (सोर्स- सोशल मीडिया)
Jasprit Bumrah: पूर्व भारतीय क्रिकेटर और बंगाल के राजनेता मनोज तिवारी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पहले उन्होंने एमएस धोनी पर उनका साथ न देने का आरोप लगाया, फिर टीम इंडिया के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर को ‘पाखंडी’ कहकर विवादों में आ गए। अब उन्होंने भारतीय तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि जब कोई खिलाड़ी पूरी टेस्ट सीरीज़ खेलने के लिए फिट न हो, तो उसका चयन ही नहीं होना चाहिए।
बुमराह खेल से बड़े नहीं…
क्रिक ट्रैकर को दिए गए एक इंटरव्यू में मनोज तिवारी ने कहा, “मेरे नज़रिए से, जब पहले से पता हो कि कोई खिलाड़ी पांचों टेस्ट मैच खेलने के लिए फिट नहीं है, तो उसे टीम में नहीं चुनना चाहिए। चाहे वह बुमराह हों, विराट कोहली हों या रोहित शर्माकोई भी क्रिकेट के खेल से बड़ा नहीं है।”
इस बयान के ज़रिए तिवारी ने यह साफ संदेश दिया कि किसी भी खिलाड़ी को उसकी लोकप्रियता या सीनियरिटी के आधार पर प्राथमिकता नहीं दी जानी चाहिए, बल्कि प्रदर्शन और उपलब्धता के आधार पर चयन होना चाहिए।
बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया में सभी टेस्ट खेले
बुमराह के चयन को लेकर सवाल इसलिए उठे क्योंकि उन्होंने हालिया इंग्लैंड दौरे पर पाँच में से केवल तीन टेस्ट मैच खेले थे। जबकि इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर उन्होंने सभी पाँच टेस्ट मैचों में हिस्सा लिया था। हालांकि, आखिरी टेस्ट (सिडनी) में उनकी पीठ में चोट लग गई थी, जिसके कारण वे बाद में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से बाहर हो गए थे।
यह संभव है कि इसी चोट को ध्यान में रखते हुए टीम प्रबंधन ने इंग्लैंड दौरे पर उन्हें सीमित किया हो, लेकिन तिवारी इस तर्क से सहमत नहीं हैं।
अगर खिलाड़ी फिट नहीं, तो चयन क्यों?
मनोज तिवारी का कहना है कि अगर पहले से पता था कि बुमराह सारे मैच नहीं खेल पाएंगे, तो उन्हें टीम में चुनना ही नहीं चाहिए था। उन्होंने कहा, “अगर बैकअप तेज़ गेंदबाज़ मौजूद हैं, और अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, तो ऐसे में बुमराह का चयन नहीं होना चाहिए था। जब विकल्प मौजूद हैं, तो फिर आधा-अधूरा फिट खिलाड़ी क्यों?”
तिवारी के इस बयान ने एक बार फिर भारतीय क्रिकेट में चयन प्रक्रिया और फिटनेस मैनेजमेंट पर बहस छेड़ दी है।