दिग्विजय सिंह (सौजन्य-सोशल मीडिया)
2008 Malegaon Blast Verdict: एनआईए की विशेष अदालत ने आज (31 जुलाई) 17 साल बाद मालेगांव ब्लासट मामले में अपना फैसला सुनाया। एनआईए कोर्ट ने इस मामले में कुल 7 आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ जांच एजेंसियां कोई पुख्ता सबूत नहीं दे पाई और किसी को संदेह के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इसलिए सभी को बाइजत रिहा कर दिया गया।
2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में एनआईए कोर्ट द्वारा सभी आरोपियों को बरी किए जाने पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने कहा, “कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी। जबकि कुछ समय पहले एनआईए ने कोर्ट के सामने सबूत के तौर पर 1110 पन्नों का एक दस्तावेज पेश किया था। मांग की गई थी कि दोषियों को मौत की सजा दी जाए। यह तय है कि इतनी सारी घटनाओं के बावजूद किसी को सजा नहीं मिली।”
2008 Malegaon Blast Verdict: किसने गढ़ा संघ आतंक?
कांग्रेस नेता ने आगे कहा, “हाईकोर्ट ने दो लोगों की सजा निलंबित कर दी, जिन्हें सजा सुनाई गई थी। कांग्रेस पर ‘हिंदू आतंक या संघ आतंक’ का जिक्र करने का आरोप लग रहा है। लेकिन इसे ‘संघ आतंक’ किसने कहा? आरके सिंह ने। भाजपा ने उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद सांसद बनाया। उन्होंने उन्हें मंत्री बनाया।”
#WATCH | On NIA Court acquitting all accused in 2008 Malegaon blast case, senior Congress leader Digvijaya Singh says, "…Court said that National Investigation Agency (NIA) could not produce any concrete evidence against the accused. Whereas, sometime back, the NIA produced a… pic.twitter.com/JASjyYd92L
— ANI (@ANI) July 31, 2025
दिग्विजय सिंह ने कहा, “उन्होंने ‘संघ आतंक’, ‘भगवा आतंक’ शब्द गढ़े। भाजपा इस पर चुप क्यों है? मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि उस समय भी जब इसे ‘संघ आतंक’, ‘भगवा आतंक’ कहा गया था, तब जनार्दन द्विवेदी और मैंने इसका विरोध किया था – कि आतंकवाद का कोई रंग नहीं होता। आतंकवाद केवल जो लोग नफ़रत की वजह से ऐसी हरकतें करते हैं। तो मैं कहना चाहूंगा कि कोई तो दोषी होगा ही। अगर सब बरी हो गए, तो फिर दोषी कौन है?”
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आतंकवाद को धर्म से नहीं जोड़ सकते – कांग्रेस नेता
2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में एनआईए कोर्ट द्वारा सभी आरोपियों को बरी किए जाने पर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, “कोर्ट ने कहा है कि आतंकवाद को किसी भी धर्म से नहीं जोड़ा जा सकता। मैं शुरू से ही यह कह रहा था। हर धर्म प्रेम, सद्भाव, सत्य और अहिंसा की शिक्षा देता है। इसलिए इसे धर्म से जोड़ना अनुचित है।”
#WATCH | On NIA Court acquitting all accused in 2008 Malegaon blast case, senior Congress leader Digvijaya Singh says, "…Court has said that terrorism cannot be linked to any religion. I had been saying this from the beginning. Every religion teaches love, harmony, truth and… pic.twitter.com/k9GKhdsxVL
— ANI (@ANI) July 31, 2025
Digvijaya Singh : दो आरोपी अभी भी फरार
कांग्रेस नेता ने कहा, “यह (आतंकवाद) व्यक्ति की मानसिकता है। इसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। आज भी दो लोग फरार हैं – रामजी कलसांगरा और संदीप डांगे। दोनों पर 10-10 लाख रुपये का इनाम है। वे कहां हैं? उन्हें पकड़ा क्यों नहीं जा रहा? यह भी एक सवाल है।”
2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में सात आरोपी शामिल थे, इनमें भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, मेजर रमेश शिवजी उपाध्याय (सेवानिवृत्त), समीर शरद कुलकर्णी, अजय एकनाथ राहिरकर, सुधाकर उदयभान धर द्विवेदी उर्फ दयानंद पांडे, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित, और सुधाकर ओंकारनाथ चतुर्वेदी शामिल थे।