Bihar Divyang Cricket: सिवान ने राजेंद्र प्रसाद स्टेडियम में खेले गए दिव्यांग टी20 कप के फाइनल में बिहार दिव्यांग ए टीम ने सिवान को 7 विकेट से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। बिहार दिव्यांग क्रिकेट डेवलपमेंट एसोसिएशन की ए टीम ने जीत हासिल की। सिवान की टीम ने भी बेहतर खेल का प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई थी।
बिहार दिव्यांग ए टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। सिवान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सभी विकेट खोकर 124 रन बनाए। सिवान की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शैलेश कुमार बिना खाता खोले ही आउट हो गए। उसके बाद दीपक कुमार 7 रन बनाकर चलते बने। अखिलेश कुमार ने 29 और धर्मेंद्र शाह ने 41 रनों की पारी खेली। बाकी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सके। वहीं अतिरिक्त के रूप में 34 रन बने। बिहार ए टीम के लिए अमन कुमार ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 15 रन देकर 3 विकेट चटकाए। उसके अलावा अमित कुमार ने 2, अजय ने 1, रंजन ने 1 और चंदन ने 1 विकेट चटकाए।
Bihar Divyang A टीम ने जीता मुकाबला
जवाब में 125 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बिहार दिव्ंयाग ए की टीम ने 3 विकेट खोकर मुकाबले को जीत लिया। हालांकि बिहार ए टीम की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही थी। धर्मेंद्र कुमार 3 रन बनाकर आउट हो गए। संतोष ने एक छोर संभाले रखा। उशके बाद रंजन भी तुरंत ही 1 रन बनाकर आउट हो गए। दो विकेट जल्दी गिरने के बाद अजय और संतोष के बीच 61 रनों की साझेदारी हुई। संतोष 29 रन बनाकर आउट हुए। वहीं अजय कुमार ने नाबाद 38 रन बनाकर टीम को जीत दिला दी। अंत में चंदन ने अजय का साथ दिया और 14 गेंदों में 24 रन बनाकर खिताब को अपने नाम किया। सिवान के लिए धर्मेंद्र शाह ने 1, संजूर ने 1 और संदीप ने एक विकेट चटकाए।
एसोसिएशन के सचिव ने क्या कहा?
मैच के समापन के बाद बिहार दिव्यांग क्रिकेट डेवलपमेंट एसोसिएशन के सचिव उज्ज्वल कुमार सिन्हा ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक क्रिकेट मैच नहीं, बल्कि दिव्यांग खिलाड़ियों के आत्मविश्वास, मेहनत और जुनून का प्रतीक है। हमारी कोशिश है कि दिव्यांग खिलाड़ियों को न सिर्फ राज्य स्तर पर, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया जाए। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उन्हें वे सभी सुविधाएं मिले, जिनके वे वास्तविक हकदार हैं।
हम आने वाले समय में एक बड़े राज्य स्तरीय और फिर राष्ट्रीय स्तर के दिव्यांग टूर्नामेंट की योजना बना रहे हैं, जिसमें बिहार के खिलाड़ी भाग ले सकें। हम लगातार जिलों में जाकर प्रतिभा की पहचान कर रहे हैं और उन्हें प्रशिक्षित कर रहे हैं। सिवान की टीम ने इस टूर्नामेंट में जो समर्पण और खेल भावना दिखाई, वह सराहनीय है। इस जिले ने बिहार दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन के विस्तार में अहम भूमिका निभाई है।