सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
Python: सोचिए आप अपने घर के बाहर किसी काम से निकले हों और सामने से कुछ बच्चे आते दिखें। लेकिन बच्चों के हाथ में कोई बैट-बॉल या फिर फुटबॉल नहीं, बल्कि एक 15 फुट लंबा अजगर हो! जी हां, यह कोई फिल्मी सीन नहीं बल्कि यूपी के बुलंदशहर का बिल्कुल सच्चा किस्सा है। अजगर का नाम सुनते ही अच्छे-अच्छों की रूह कांप जाती है, मगर यहां तो हालात कुछ और ही थे।
Python: बुलंदशहर में अजगर लेकर घूम रहे थे बच्चे
बुलंदशहर की सड़कों पर नजारा इतना हैरतअंगेज था कि जिसने भी देखा, वो दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर हो गया। आमतौर पर अजगर को देखकर लोग दूर से ही रास्ता बदल लेते हैं। मगर यहां तो बच्चों केंद्र ही उड़न छू हो गया और उस विशालकाय अजगर को ऐसे पकड़ लिया जैसे कोई रस्सी का टुकड़ा हो।
Pyhton: बच्चों ने अजगर से की दोस्ती!
असल में हुआ ये कि गांव के कुछ बच्चों को झाड़ियों में एक मोटा-तगड़ा अजगर दिख गया। पहले तो बच्चे थोड़े हिचकिचाए, मगर थोड़ी देर बच्चे अजगर को छूने लगे। फिर क्या था देखते ही देखते बच्चों ने अजगर को हाथों में उठा लिया। कोई उसके मुंह को पकड़ रहा था, कोई उसकी लंबी देह को, और कोई उसकी पूंछ को थामे हुए था।
Python: बच्चों ने बनाया अजगर को खिलौना
अजगर क्या मिला बच्चों को लगा कि उनके हाथ कोई नया खिलौना लग गया? इसके बाद अजगर को लेकर जमकर फोटो खींचे, वीडियो बनाए। मानो अजगर नहीं, उनका कोई पालतू पिल्ला हो। कुछ बच्चे अजगर को कंधों पर रखकर घूमने लगे, तो कुछ जमीन पर घसीटते हुए आगे बढ़ रहे थे।
Paython: अजगर बना चलता-फिरता तमाशा
बच्चों ने अजगर को पकड़कर सड़कों से लेकर गलियों में करीब 3 किलोमीटर तक घुमाया। जिस-जिस रास्ते से वे निकले, वहां भीड़ लग गई। लोग पहले तो डरकर दूर हट गए, फिर बच्चों की मस्ती देखकर उनका भी डर हवा हो गया।
एक तरफ बच्चे अजगर को लेकर इत्मीनान से घूम रहे थे, तो दूसरी ओर राहगीर मोबाइल कैमरे निकालकर वीडियो बना रहे थे। कुछ तो इतने हैरान थे कि वहीं खड़े-खड़े आंखें फाड़े ये अजीब नजारा देखते रह गए।
Pyhton: वन विभाग को भनक तक नहीं!
अब आप सोच रहे होंगे कि इतनी बड़ी घटना हुई तो वन विभाग कैसे इस मामले से दूर रह सकता है। मगर आपको जानकर हैरानी होगी कि इस पूरे तमाशे की खबर वन विभाग को जरा भी भनक नहीं लगी। बच्चों ने अजगर को घंटों घुमाया, उसकी कई सेल्फियां और वीडियो बनाए, और फिर बिना किसी डर के जंगल में छोड़ भी आए।
न किसी ने पुलिस को खबर की, न वन विभाग को। प्रशासन को तो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से ही पता चला कि बुलंदशहर की गलियों में एक अजगर बच्चों का खिलौना बना घूम रहा था।
Python: गलती में भी दिखी मासूमियत
यह घटना जहां एक ओर बेहद चौंकाने वाली है, वहीं बच्चों की मासूमियत भी दिखाती है। वे नहीं जानते थे कि अजगर जैसे खतरनाक जीव से कितनी सावधानी बरतनी चाहिए। वरना जरा सी चूक से कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था।
Pyhthon: अब सवाल भी उठ रहे हैं
इस मामले के सामने आने के बाद वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर इतनी बड़ी घटना हो गई और किसी जिम्मेदार अधिकारी को इसकी भनक तक नहीं लगी? अगर अजगर ने अचानक बच्चों पर हमला कर दिया होता, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता?
किस्सा मजेदार लेकिन ऐसे मामलों से दूरी जरूरी
ये वाकया भले ही मजेदार तो है, मगर हमें सीख भी देता है। जंगल के जीव चाहे कितने भी शांत दिखें, वे कभी भी ऐसा व्यवहार कर सकते हैं। बच्चों को तो छोड़िए, बड़ों को भी ऐसी स्थिति में बिना विशेषज्ञों की मदद के कुछ नहीं करना चाहिए।