Viral Video: सावन के पावन महीने में जब शिवभक्त कांवड़ यात्रा के जरिए भगवान शिव की आराधना में लगे हैं, तब सोशल मीडिया पर एक जापानी शिवभक्त चर्चा में हैं। उनका नाम है होशी ताकायुकी, जो एक सफल जापानी कारोबारी रह चुके हैं। लेकिन अब उन्होंने अपना करोड़ों का बिज़नेस छोड़ दिया है और खुद को भगवान शिव की भक्ति में समर्पित कर दिया है। आज वे “बाल कुंभ गुरुमुनि” के नाम से जाने जाते हैं।
भगवा वस्त्र, नंगे पांव और शिव भक्ति की साधना
बाल कुंभ गुरुमुनि ने पूर्ण रूप से सन्यासी जीवन को अपनाते हुए भगवा वस्त्र धारण कर लिया है। इन दिनों वे उत्तराखंड में आत्म-साक्षात्कार की साधना में लीन हैं। हाल ही में उन्हें कांवड़ यात्रा करते हुए देखा गया, जहाँ वे पवित्र गंगाजल लेकर नंगे पांव चल रहे थे। उनके साथ लगभग 20 जापानी अनुयायी भी मौजूद थे। देहरादून में उन्होंने एक दो दिवसीय भंडारे का आयोजन भी किया और सैकड़ों कांवड़ियों को भोजन कराया।
नाड़ी ज्योतिष से जीवन को मिला नया मोड़
करीब 20 साल पहले होशी ताकायुकी भारत आए थे और तमिलनाडु में नाड़ी ज्योतिष के संपर्क में आए। यह एक प्राचीन भारतीय परंपरा है जिसमें ताड़पत्रों पर व्यक्ति के पिछले जन्म और भविष्य का विवरण अंकित होता है। जब होशी ने इन ताड़पत्रों को पढ़वाया, तो उन्हें बताया गया कि उनका पूर्व जन्म हिमालय में एक सन्यासी के रूप में हुआ था, और उन्हें हिंदू आध्यात्मिक मार्ग को ही अपनाना है।
स्वप्न ने दिखाई दिशा, जीवन को मिला नया उद्देश्य
कुछ समय बाद होशी ताकायुकी को एक दिव्य स्वप्न आया, जिसमें उन्होंने स्वयं को उत्तराखंड के एक गाँव में देखा। यह अनुभव उनके लिए जीवन बदलने वाला साबित हुआ। उन्होंने अपने व्यवसाय की जिम्मेदारी अपने अनुयायियों को सौंप दी और पूरी तरह आध्यात्मिक जीवन को अपना लिया।
जापान से लेकर भारत तक शिव मंदिरों का निर्माण
बाल कुंभ गुरुमुनि ने टोक्यो स्थित अपने आवास को एक पूर्ण शिव मंदिर में बदल दिया। यही नहीं, जापान में उन्होंने एक और नया शिव मंदिर बनवाया। भारत में भी वे सक्रिय हैं। पुडुचेरी में 35 एकड़ ज़मीन पर एक विशाल शिव मंदिर का निर्माण कार्य जारी है, और उत्तराखंड में वे एक आश्रम की स्थापना की योजना बना चुके हैं।
होशी ताकायुकी की कहानी एक उदाहरण है कि आध्यात्मिक खोज न तो सीमाओं में बंधती है और न ही धर्म में। उनका समर्पण, आस्था और साधना विश्व को आध्यात्मिकता से जोड़ने की प्रेरणा देती है।