अगर ईरान इजरायल की जंग पर आपकी नजर है तो अमेरिकन स्टील्थ बॉम्बर का नाम तो आपने सुना होगा, जी हां ये वही बॉम्बर विमान है जो दुनिया का सबसे एडवांस्ड और घातक विमान है, इसी से अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर बम बरसाए, ये B-2 स्टील्थ बॉम्बर क्या बला है इसकी तस्दीक इस बात से हो जाती है कि अमेरिका अपना हर हथियार दूसरे देशों को बेचता है लेकिन इसे बेचने पर रोक है मतलब ये अमेरिका के अलावा किसी और के पास नहीं.
अब सोचिए अगर इस बमवर्षक को बनाने में मदद करने वाला ही इसकी गुप्त तकनीक किसी को बेच दे तो क्या होगा. नौशिर गोवाडिया ऐसे ही एक भारतीय अमेरिकी इंजीनियर है. जिन्होंने अमेरिका के सुपरसीक्रेट हथियार को चीन को बेच दिया
कौन है नौशिर गोवाडिया?
मुंबई में जन्मे, अमेरिका में पढ़े और फिर 1968 में Northrop Corporation में नौकरी पाई. B‑2 Bomber को बनाने वाले चुनिंदा लोगों में शामिल थे. उनकी मेहनत और इनोवेशन ने बॉम्बर को रडार और इंफ्रारेड से अदृश्य बनाने का काम किया.
चीन को बेच दी दुनिया के सबसे घातक हथियार की टेक्नोलॉजी
2000 के दशक में रिटायर होने के बाद, भारतीय अमेरिकी इंजीनियर ने चीन को ये तकनीक बेची. चीन के J‑20 स्टील्थ फाइटर जेट के डिज़ाइन में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है. सिर्फ $1 लाख डॉलर कमाने के लिए अमेरिका की सबसे संवेदनशील तकनीक बेच दी.
अचानक 2000 के दशक की शुरुआत में उनकी चीन यात्राओं ने जांच एजेंसियों को उन पर शक करने के लिए मजबूर कर दिया, फिर साल 2005 में उनकी गिरफ्तारी हुई, और उन्हें जासूसी, साजिश, और अमेरिकी हथियार निर्यात नियंत्रण अधिनियम के उल्लंघन के आरोपों में दोषी ठहराया गया, नतीजतन उन्हें 30 साल से ज्यादा की सजा सुनाई गई.
जांच में खुलासा हुआ कि नौशिर ने चीन को स्टील्थ तकनीक से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक की, जिसके बदले उन्हें पैसे मिले. इस पैसे से उन्होंने एक द्वीप पर एक समुद्र के किनारे आलीशान विला खरीदा. .
गिरफ्तारी और सज़ा
- 2005 में FBI ने गिरफ्तार किया
- 2011 में उन्हें 32 साल की जेल हुई
- आज भी अमेरिका की सुपरमैक्स जेल में सजा काट रहे हैं
नौशिर एक भारतीय अमेरिकी इंजीनियर की कहानी बताती है कि एक इंसान जो कभी अपने देश लिए अमूल्य होता है, वो लालच में पड़कर इतिहास का सबसे खतरनाक गद्दार भी बन सकता है.”