PM Modi-Donald Trump
PM Modi-Donald Trump: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर लंबी बातचीत हुई। मंगलवार को 35 मिनट की फोन बातचीत में पीएम मोदी ने ये भी साफ कर दिया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पाकिस्तान के अनुरोध पर रोका गया था, न कि अमेरिकी मध्यस्थता या किसी व्यापार समझौते की वजह। यह बातचीत पिछले महीने ऑपरेशन रोके जाने के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली थी। ट्रंप भी जी7 समिट में हिस्सा लेने के लिए कनाडा पहुंचे थे, लेकिन ईरान और इजरायल के बढ़ते तनाव के बीच वो वापस अमेरिका लौट गए, इसलिए जब पीएम मोदी कनाडा पहुंचे तो ट्रंप से उनकी संभावित मुलाकात टल गई।
PM Modi-Donald Trump के बीच बातचीत का प्रमुख बिंदु
ऑपरेशन सिंदूर: मोदी ने ट्रंप को बताया कि 6-7 मई 2025 को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारत ने सटीक कार्रवाई की थी। 9-10 मई को भारत की कड़ी प्रतिक्रिया से पाकिस्तान के सैन्य बुनियादी ढांचे और हवाई अड्डों को भारी नुकसान हुआ, जिसके बाद पाकिस्तान ने सैन्य अभियान रोकने का अनुरोध किया।
पाकिस्तान के साथ सीधी बातचीत: मोदी ने साफ कर दिया भारत ने पाकिस्तान के साथ सीधे बातचीत के जरिए और उसके अनुरोध पर ऑपरेशन रोका न की किसी के दबाव में। भारत किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करता और भविष्य में भी नहीं करेगा।
आतंकवाद पर कड़ा रुख: मोदी ने कहा कि भारत अब आतंकवाद को छद्म युद्ध नहीं, बल्कि युद्ध की कार्रवाई मानेगा, इसलिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी भी जारी है।
पहलगाम हमला: 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संकल्प लिया। ट्रंप ने हमले पर संवेदना व्यक्त की और भारत के आतंकवाद विरोधी प्रयासों का समर्थन किया।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति की चेतावनी: 9 मई को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मोदी को पाकिस्तान के संभावित बड़े हमले की चेतावनी दी थी। मोदी ने जवाब में कहा कि ऐसी स्थिति में भारत और सख्त प्रतिक्रिया देगा।
विदेश सचिव का बयान
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि मोदी ने ट्रंप को साफ कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के सिलसिले में कोई व्यापारिक चर्चा नहीं हुई। भारत और पाकिस्तान के बीच कोई अमेरिकी मध्यस्थता नहीं थी। ट्रंप ने भारत के आतंकवाद विरोधी रुख का समर्थन किया। इस बातचीत में इजराइल-ईरान संघर्ष को खत्म करने को लेकर भी दोनों नेताओं ने इस मुद्दे पर विचार साझा किए। वहीं दोनों ने ही रूस-यूक्रेन युद्ध की शांति के लिए दोनों पक्षों के बीच बातचीत की आवश्यकता पर सहमति जताई।
दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में क्वाड की भूमिका का समर्थन किया। पीएम मोदी ने ट्रंप को इस साल भारत में प्रस्तावित क्वाड शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया, जिसे ट्रंप ने स्वीकार कर लिया है। ट्रंप ने पीएम मोदी को अमेरिका आने का न्यौता दिया, जिसे पीएम मोदी बिजी शिड्यूल की वजह से स्वीकार नहीं कर पाए। जी7 शिखर सम्मेलन में दोनों नेताओं की मुलाकात तय थी, लेकिन ट्रंप के समय से पहले विदा लेने के कारण यह नहीं हो सकी।