भोलेनाथ (सोर्स- सोशल मीडिया)
Sawan Somwar 2025: इस साल सावन का पहला सोमवार शिव भक्तों के लिए विशेष सौगात लेकर आ रहा है। 14 जुलाई को पड़ने वाला यह पहला सोमवार ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ और फलदायी माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, करीब 100 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है, जब एक ही दिन में छह विशेष योगों का संगम होगा। यह अनोखा संयोग भक्तों के लिए किसी दिव्य वरदान की तरह है, जो भगवान शिव की कृपा पाने और जीवन में सुख-समृद्धि लाने का अनमोल अवसर प्रदान करेगा।
बनेंगे छह शुभ योग, मिलेगा विशेष पुण्य
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस दिन प्रीति योग, आयुष्मान योग, सुकर्मा योग, शिव योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और शोभन योग एक साथ बन रहे हैं। माना जाता है कि इन योगों के दौरान भगवान शिव की आराधना करने से साधक को अपार पुण्य और सुखों की प्राप्ति होती है।
भगवान शिव की पूजा का महत्व
सावन के पहले सोमवार पर भक्तों को अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। इसमें षोडशोपचार, दशोपचार या राजोपचार विधि से पूजा की जाती है। जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग और सफेद फूल अर्पित करना विशेष फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन की पूजा से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन की समस्याएं समाप्त होती हैं।
जानिए शुभ मुहूर्त और योगों का समय
पंचांग के अनुसार, 14 जुलाई को सुबह 10 बजे से रात 10:30 बजे तक प्रीति योग रहेगा। इसके अलावा, दोपहर 12:18 बजे से 1:51 बजे तक आयुष्मान योग का संयोग बनेगा। दोपहर 1:33 बजे से 2:33 बजे तक सुकर्मा योग रहेगा, जबकि शाम 5:19 बजे से 7:15 बजे तक शिव योग का विशेष संयोग बनेगा। इन सभी शुभ योगों के दौरान भगवान शिव की पूजा करना बेहद फलदायी माना जाता है और इससे भक्तों को विशेष पुण्य भी मिलता है।
हर दिन होगा मंगलमय, दूर होंगी कठिनाइयां
ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि जब किसी दिन चार या उससे अधिक शुभ योग एक साथ बनते हैं, तो वह दिन अत्यंत फलदायी माना जाता है। सावन के पहले सोमवार को भगवान शिव की सच्ची श्रद्धा से पूजा करने पर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और सभी बाधाएं दूर होती हैं।