गणेश चतुर्थी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Ganesh Chaturthi: बुद्धि, समृद्धि और शुभता के देवता भगवान गणेश को समर्पित गणेश चतुर्थी का महापर्व इस वर्ष 27 अगस्त 2025, बुधवार से आरंभ होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को हुआ था। यह पर्व 10 दिनों तक चलता है और अनंत चतुर्दशी के दिन इसका समापन होता है। माना जाता है कि इस अवधि में गणेशजी की आराधना और व्रत कथा का पाठ करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं।
पौराणिक कथा का महत्व
गणेश चतुर्थी व्रत कथा के अनुसार, एक बार माता पार्वती और भगवान शिव नदी किनारे विराजमान थे। माता पार्वती ने चौपड़ खेलने की इच्छा जताई, लेकिन खेल के दौरान हार-जीत का निर्णय करने वाला कोई तीसरा व्यक्ति मौजूद नहीं था। तब दोनों ने मिट्टी का एक बालक बनाकर उसे जीवनदान दिया और निर्णायक की भूमिका निभाने का आदेश दिया।
माता पार्वती का क्रोध
खेल के दौरान माता पार्वती लगातार तीन-चार बार विजयी हुईं, लेकिन एक बार बालक ने गलती से महादेव को विजेता घोषित कर दिया। इससे माता पार्वती क्रोधित हो गईं और बालक को लंगड़ा होने का श्राप दे दिया। बालक ने क्षमा मांगी, किंतु माता ने कहा कि श्राप वापस नहीं लिया जा सकता, हालांकि एक उपाय से मुक्ति संभव है।
श्राप से मुक्ति का उपाय
माता पार्वती ने बताया कि संकष्टी के दिन जब कुछ कन्याएं पूजन के लिए आएं, तो उनसे व्रत और पूजन की विधि सीखें। बालक ने ऐसा ही किया। जब गणपति बप्पा ने उसकी पूजा देखी, तो वे प्रसन्न हुए और बालक के सभी कष्ट दूर कर दिए। तभी से गणेश चतुर्थी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है।
गणेश चतुर्थी 2025 की तिथि और समय
पंचांग के अनुसार, गणेश चतुर्थी 2025 में 27 अगस्त को मनाई जाएगी। चतुर्थी तिथि 26 अगस्त 2025 को दोपहर 1:55 बजे शुरू होगी और 27 अगस्त 2025 को शाम 4:32 बजे समाप्त होगी। गणेश उत्सव 27 अगस्त से शुरू होकर 6 सितंबर 2025 को अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन के साथ समाप्त होगा।
गणेश चतुर्थी का शुभ मुहूर्त
धार्मिक मान्यता है कि भगवान गणेश का जन्म दोपहर के समय हुआ था, इसलिए इस दिन दोपहर का समय पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, दिन को प्रातःकाल, संगव, मध्याह्न, पाश्चात्य और सायंकाल में बांटा गया है, जिनमें मध्याह्न यानी दोपहर का समय गणेश पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ है। 2025 में गणेश चतुर्थी पर कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे, जिनमें आप गणेशजी की मूर्ति स्थापित कर सकते हैं।