अर्शदीप सिंह और मोहम्मद सिराज (सोर्स- सोशल मीडिया)
Asia Cup 2025: भारतीय तेज़ गेंदबाज़ अर्शदीप सिंह ने आखिरकार उस मानसिक संघर्ष पर बात की है, जिससे उन्हें हाल के महीनों में गुजरना पड़ा। इंग्लैंड दौरे पर पहले तीन टेस्ट मैचों में टीम में रहने के बावजूद उन्हें मौका नहीं मिला। जब चौथे और पांचवें टेस्ट में उन्हें खेलने का अवसर मिला, तब बाएँ अंगूठे की चोट ने उनके टेस्ट डेब्यू का सपना अधूरा छोड़ दिया।
उबाऊ समय में सीखी मानसिक दृढ़ता
दलीप ट्रॉफी के दौरान अर्शदीप ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने पिछले दो महीनों में सीखा कि टेस्ट क्रिकेट के उबाऊ क्षणों का भी आनंद कैसे लिया जाए। उन्होंने कहा, “लंच के बाद का सत्र जब गेंदबाज के लिए कुछ खास नहीं होता, तब भी खुद को शांत रखना और उस समय को स्वीकारना सीखना पड़ता है।”
सिराज की सलाह बनी मार्गदर्शक
अर्शदीप ने बताया कि इस दौर में मोहम्मद सिराज के साथ बातचीत ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनने में मदद की। “सिराज भाई ने कहा था कि जब कुछ नहीं हो रहा होता, तब आप उस पल का कितना आनंद ले पाते हो, वही बताता है कि आप लाल गेंद के क्रिकेट में कितने सफल हो सकते हो। यह छोटी-सी लेकिन गहरी बात थी, जिसने मुझे बहुत प्रेरित किया।”
मैदान पर मिला आत्मविश्वास
दलीप ट्रॉफी में पूर्वी क्षेत्र के खिलाफ मैच में गेंदबाजी करते हुए अर्शदीप ने बताया कि उन्होंने खुद को फिट और आत्मविश्वासी महसूस किया। “मैंने इस मैच में 17 ओवर गेंदबाजी की और शरीर पूरी तरह ठीक है। पिछले कुछ महीनों में मैंने भारतीय टीम के साथ रहकर काफी अभ्यास किया है, और यह अनुभव अब काम आ रहा है।”
लाल गेंद से सफेद गेंद तक का सफर आसान
अब अर्शदीप की नजरें एशिया कप 2025 पर हैं, जो यूएई में टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा। लाल गेंद से सफेद गेंद में ढलने को लेकर उन्होंने कहा, “मुझे कोई परेशानी नहीं है। मैंने इंग्लैंड के आखिरी टेस्ट के दौरान ही सफेद गेंद से अभ्यास शुरू कर दिया था। सफेद या लाल, अंत में गेंद तो गेंद ही होती है। आपको बस खेल का आनंद लेना है।”
Also Read This: Kieron Pollard का बड़ा कारनामा, ऐसा करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज
वर्कलोड मैनेजमेंट पर भरोसा
उन्होंने यह भी कहा कि बीसीसीआई द्वारा खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे चोट के जोखिम को कम किया जा सके। “हमारा कार्यभार बहुत ही संतुलित रूप से मैनेज किया जा रहा है। इससे हम लंबे समय तक फिट और प्रदर्शन के लिए तैयार रहते हैं।”