एमएस धोनी और सुरेश रैना (सोर्स- सोशल मीडिया)
MS Dhoni Retirement: भारतीय क्रिकेट इतिहास में एमएस धोनी एक ऐसा नाम है जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। सफेद गेंद क्रिकेट में भारत के सबसे सफल कप्तानों में शुमार, धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने तीन बड़ी ICC ट्रॉफियां जीतीं, 2007 का टी20 वर्ल्ड कप, 2011 का वनडे वर्ल्ड कप और 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी। उनका अंतरराष्ट्रीय करियर दिसंबर 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे से शुरू हुआ था और अगले 16 सालों में उन्होंने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। फिर आया 15 अगस्त 2020 वही दिन जब उन्होंने अचानक इंस्टाग्राम पर एक वीडियो के साथ अपने रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया।
धोनी और रैना ने साथ में लिया संन्यास
15 अगस्त 2020 सिर्फ धोनी के लिए नहीं, बल्कि उनके करीबी दोस्त और साथी खिलाड़ी सुरेश रैना के लिए भी एक खास दिन बन गया। धोनी की घोषणा के कुछ ही मिनटों बाद रैना ने भी अपने रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया। यह संयोग नहीं था, बल्कि एक सोच-समझा फैसला था। दोनों खिलाड़ियों का यह कदम फैंस के लिए भावनात्मक था और क्रिकेट जगत के लिए चौंकाने वाला।
संन्यास की तारीख के पीछे छुपा था एक खास गणित
साल 2020 में एक इंटरव्यू में सुरेश रैना ने खुलासा किया था कि उन्होंने और धोनी ने पहले से तय कर लिया था कि वे 15 अगस्त को ही संन्यास की घोषणा करेंगे। इसके पीछे एक दिलचस्प गणित भी था, धोनी का जर्सी नंबर ‘7’ और रैना का जर्सी नंबर ‘3’ मिलाकर बनते हैं ’73’। और 15 अगस्त 2020 को भारत की आजादी के 73 साल पूरे हुए थे। रैना ने कहा, “हमने सोचा कि जब देश अपनी आजादी का 73वां वर्ष मना रहा होगा, तब हम भी अपने करियर को यहीं विराम देंगे। इससे बेहतर दिन हमारे लिए नहीं हो सकता था।”
साथ में करियर की शुरुआत, साथ में विदाई
रैना और धोनी का रिश्ता सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं था। दोनों ने लगभग एक ही समय पर अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी धोनी ने दिसंबर 2004 में और रैना ने जुलाई 2005 में। उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए कई सालों तक साथ खेला और आईपीएल में एक मजबूत जोड़ी के रूप में जाने जाते थे। रैना ने कहा, “हमने साथ शुरुआत की थी, साथ खेले और फिर साथ ही रिटायर होने का फैसला लिया।”