रवींद्र जडेजा (सोर्स- बीसीसीआई एक्स)
Ravindra Jadeja: इंग्लैंड ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए टेस्ट मैच में टीम इंडिया को 22 रन से हराकर सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली है। भले ही टीम इंडिया यह मुकाबला हार गई, लेकिन इस मैच में रवींद्र जडेजा का जुझारू खेल सभी के दिलों में बस गया। जडेजा ने अपनी बल्लेबाजी से ना सिर्फ भारतीय फैंस का भरोसा बनाए रखा, बल्कि कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए।
Ravindra Jadeja की जुझारू पारी ने जीता दिल
लॉर्ड्स टेस्ट की दूसरी पारी में जब भारतीय टीम मुश्किल में थी, तब रवींद्र जडेजा ने मोर्चा संभाला। उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाजों का डटकर सामना किया और टीम की उम्मीदों को अंत तक जिंदा रखा। दूसरी पारी में जडेजा ने 181 गेंदों का सामना करते हुए 61 रनों की जुझारू पारी खेली। इससे पहले पहली पारी में उन्होंने 82 रन बनाए थे।
भले ही भारत जीत नहीं पाया, लेकिन जडेजा ने जिस तरह से बल्लेबाजी की, उसने सभी को प्रभावित कर दिया। उनकी इस जुझारू पारी की बदौलत फैंस ने उन्हें मैच का असली हीरो करार दिया।
93 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी
रवींद्र जडेजा ने लॉर्ड्स टेस्ट की दोनों पारियों में अर्धशतक लगाकर 93 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इससे पहले 1932 में वीनू मांकड़ ने ऐसा कर दिखाया था। इसके साथ ही जडेजा ने पिछले चार टेस्ट पारियों में लगातार 50 से ज्यादा रन बनाए हैं। ऐसा करने वाले वे तीसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले सौरव गांगुली और ऋषभ पंत ने यह कारनामा किया था।
खास क्लब में शामिल हुए जडेजा
रवींद्र जडेजा ने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर खुद को क्रिकेट इतिहास के दिग्गज खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल कर लिया है। वे अब विश्व क्रिकेट में ऐसे चौथे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने 7,000 से ज्यादा रन और 600 विकेट पूरे किए हैं। इस खास क्लब में उनसे पहले कपिल देव, शॉन पोलक और शाकिब अल हसन का नाम आता है। अब जडेजा की नजरें 8,000 रन पूरे करने पर टिकी हैं।
शाकिब अल हसन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 8,000 रन और 600 विकेट लेने का कारनामा कर रखा है। जडेजा भी अब इस मुकाम की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
लॉर्ड्स में सबसे ज्यादा समय बिताने वाले भारतीय
इस मैच में रवींद्र जडेजा ने लॉर्ड्स के मैदान पर सबसे ज्यादा समय बिताने वाले भारतीय बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड भी बना दिया। उन्होंने दोनों पारियों में कुल 473 मिनट (करीब 7 घंटे 53 मिनट) तक क्रीज पर टिके रहकर बल्लेबाजी की। पहली पारी में उन्होंने 207 मिनट में 82 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में 266 मिनट तक डटे रहते हुए 61 रन बनाए।
कुल मिलाकर, भले ही टीम इंडिया यह मुकाबला हार गई हो, लेकिन रवींद्र जडेजा की यह पारी उनके करियर की यादगार पारियों में हमेशा गिनी जाएगी। उनकी मेहनत और जज्बे ने साबित कर दिया कि वे हर परिस्थिति में टीम के भरोसेमंद खिलाड़ी हैं।