अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, फोटो - पिक्साबे
International Yoga Day 2025: इसी महीने 21 तारीख को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाने वाला है और इस बार की थीम है, “योगा फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ” यानी “एक धरती, एक स्वास्थ्य”। यह सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक सोच है जो तन, मन और प्रकृति के बीच समरसता की बात करता है।
21 जून 2025 को भारत 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने जा रहा है और इसकी तैयारी जोरों पर है। इस खास अवसर पर देशभर में एक लाख से ज्यादा स्थानों पर “योग संगम” के तहत कॉमन योगा प्रोटोकॉल (CYP) पर आधारित सामूहिक योग प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन सुबह 6:30 बजे से 7:45 बजे तक होगा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व देंगे।
प्रधानमंत्री ने जिस तरह 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, उसी समर्पण के साथ आज भी वह इस प्राचीन भारतीय विरासत को वैश्विक मंच पर आगे बढ़ा रहे हैं। उस प्रस्ताव को रिकॉर्ड 175 देशों का समर्थन मिला था और तब से 21 जून को, जो कि उत्तरी गोलार्ध का सबसे लंबा दिन होता है, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग दिवस सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य और कल्याण की ओर एक क्रांति है। 2018 में जहां करीब 9.59 करोड़ लोगों ने इसमें भाग लिया था, वहीं 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 24.53 करोड़ तक पहुंच गया, जो इस आंदोलन की लोकप्रियता को दर्शाता है।
इस साल की थीम “एक धरती, एक स्वास्थ्य“ न केवल पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देती है, बल्कि “वसुधैव कुटुंबकम्” यानी “पूरा विश्व एक परिवार है” की भारतीय सोच को भी प्रतिबिंबित करती है, जिसे भारत ने अपनी G20 अध्यक्षता के दौरान भी प्रमुखता दी थी।
योग दिवस का प्रतीक चिन्ह भी अपने आप में संदेशवाहक है। दो हाथों का मिलन योग का प्रतीक है, जो व्यक्ति और ब्रह्मांड की चेतना के मेल को दर्शाता है। प्रतीक में दिखाए गए भूरे, हरे, नीले और नारंगी रंग पृथ्वी, प्रकृति, जल और अग्नि तत्वों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि सूर्य ऊर्जा का स्रोत और प्रेरणा का प्रतीक है। इस अवसर पर “प्रधानमंत्री योग पुरस्कार” भी दिए जाएंगे, जो योग के प्रचार-प्रसार में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को सम्मानित करेंगे।