राजीव शुक्ला और रोजर बिन्नी (सोर्स- सोशल मीडिया)
BCCI New President: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष पद पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे पूर्व क्रिकेटर रोजर बिन्नी ने 19 जुलाई 2025 को बीसीसीआई अध्यक्ष पद से सेवानिवृत्ति ले ली है। वे अक्टूबर 2022 से इस पद पर आसीन थे। रोजर बिन्नी का कार्यकाल बीसीसीआई के नियमों के अनुसार समाप्त हुआ, क्योंकि बोर्ड में यह प्रावधान है कि 70 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद कोई भी पदाधिकारी अपने पद पर नहीं रह सकता।
राजीव शुक्ला को सौंपी गई कमान
रोजर बिन्नी के पद छोड़ने के बाद बीसीसीआई ने राजीव शुक्ला को अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया है। वर्तमान में बीसीसीआई के उपाध्यक्ष रह चुके राजीव शुक्ला को तब तक इस पद पर कार्य करने की जिम्मेदारी दी गई है जब तक बोर्ड का अगला नियमित अध्यक्ष नियुक्त नहीं हो जाता। बीसीसीआई अध्यक्ष पद का चुनाव सितंबर 2025 में होने की संभावना है। इस बीच राजीव शुक्ला भारतीय क्रिकेट प्रशासन की बागडोर संभालते रहेंगे।
कैसा रहा सफर?
राजीव शुक्ला एक पूर्व पत्रकार और वर्तमान राज्यसभा सांसद हैं। उन्होंने पिछले कई वर्षों से बीसीसीआई में विभिन्न अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं और बोर्ड की नीतिगत बैठकों में सक्रिय भूमिका निभाई है। भारत के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान वे अक्सर स्टेडियम में नजर आते हैं। क्रिकेट से जुड़े निर्णयों में उनकी गहरी समझ और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए यह नियुक्ति काफी अहम मानी जा रही है।
रोजर बिन्नी की उपलब्धियां और कार्यकाल
रोजर बिन्नी भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक अहम नाम हैं। 1983 के विश्व कप में भारत की ऐतिहासिक जीत में उन्होंने 18 विकेट लेकर सबसे सफल गेंदबाज की भूमिका निभाई थी। बतौर बीसीसीआई अध्यक्ष, उनके कार्यकाल में भारत ने कई बड़े टूर्नामेंट आयोजित किए और क्रिकेट ढांचे में कई अहम बदलाव भी हुए। उनके योगदान को भारतीय क्रिकेट में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
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क्या राजीव शुक्ला होंगे स्थायी अध्यक्ष?
हालांकि अभी केवल अंतरिम अध्यक्ष के रूप में राजीव शुक्ला को नियुक्त किया गया है, लेकिन क्रिकेट हलकों में यह अटकलें तेज हैं कि सितंबर में होने वाले चुनाव में उन्हें ही स्थायी अध्यक्ष बनाया जा सकता है। उनके अनुभव और लंबे कार्यकाल को देखते हुए बीसीसीआई में उनके नाम की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।
एक स्थिर नेतृत्व की ओर बढ़ता BCCI
राजीव शुक्ला की नियुक्ति से यह साफ है कि बीसीसीआई एक अनुभवी और भरोसेमंद नेतृत्व को बरकरार रखना चाहता है। क्रिकेटप्रेमियों को अब सितंबर में नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रतीक्षा है, जो भारतीय क्रिकेट के भविष्य की दिशा तय करेगा।