देवेंद्र फडणवीस और उद्धव और राज ठाकरे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने मिलकर मुंबई के वर्ली डोम में विशाल विजय मोर्चा आयोजित किया था। इस मोर्चे के दौरान दोनों ने 20 साल बाद साथ आने का फैसला किया और महाराष्ट्र की सरकार को खुले मंच से चेतावनी दी। इस चेतावनी के बाद महाराष्ट्र में सियासत गरमा गई।
उनके मोर्चे के बाद सरकार ने और नेताओं ने अपनी टिप्पणियां देनी शुरू कर दी। ठाकरे बंधुओं ने अपने साथ आने का श्रेय सीएम देवेंद्र फडणवीस को दिया था। इस पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अपनी प्रतिक्रिया दी। पंढरपुर से सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “सबसे पहले मैं राज ठाकरे का धन्यवाद करता हूं, क्योंकि उन्होंने मुझे दोनों भाइयों को एक करने का श्रेय दिया। मुझे लगा था कि मुझे पूज्य बालासाहेब का आशीर्वाद मिलेगा।”
शिकायतों से भरी रही विजय रैली – सीएम फडणवीस
उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगा कि यह एक विजय रैली होगी, लेकिन यह शिकायतों से भरा कार्यक्रम निकला, मराठी मुद्दे पर बोलने के बजाय, उन्होंने इस बात पर ध्यान केंद्रित किया कि कैसे उनकी सरकार गिराई गई और एक नई सरकार के लिए गुहार लगाई गई।”
Pandharpur, Maharashtra: CM Devendra Fadnavis says, “First of all, I thank Raj Thackeray, as he gave me the credit for uniting the two brothers. I felt that I would receive the blessings of the revered Balasaheb. I thought it would be a victory rally, but it turned out to be an… pic.twitter.com/iHR6xqffQm
— IANS (@ians_india) July 5, 2025
मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, “हमने कभी जाति-आधारित राजनीति नहीं की, और कम से कम मुझे राज साहब से इस तरह के आरोप की उम्मीद नहीं थी। महा विकास अघाड़ी के नेता ही जाति-आधारित राजनीति करते रहे हैं। हमने राजनीति में कभी जातिवाद नहीं किया। देश भर में सभी पिछड़े समुदाय और पूरा समाज माननीय प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़ा है।”
मनसे की तोड़फोड़ का किया विरोध
इस बीच व्यापारी सुशील केडिया के कार्यालय में मनसे कार्यकर्ताओं द्वारा की गई तोड़फोड़ पर मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, “हर किसी को विरोध करने का अधिकार है, हर किसी को आंदोलन करने का अधिकार है। लेकिन विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी, तोड़फोड़, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना या जान-माल को नुकसान पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है।”
Nagpur, Maharashtra: On the vandalism of businessman Sushil Kedia’s office my MNS workers, Minister Chandrashekhar Bawankule says, “Everyone has the right to protest, everyone has the right to agitate. But engaging in stone-pelting, vandalism, damaging government property, or… pic.twitter.com/bcYmswG0Ai
— IANS (@ians_india) July 5, 2025
उद्धव-राज ठाकरे की संयुक्त रैली पर शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा, “उद्धव और राज ठाकरे के साथ आने से महा विकास अघाड़ी एक नए रूप में उभर रही है, जिसमें कांग्रेस को बाहर कर दिया गया है।”
उद्धव-राज ठाकरे पर संयुक्त रैली में शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा, “20 साल बाद ठाकरे भाई साथ आए हैं और उन्हें शुभकामनाएं, लेकिन यह राजनीतिक दिखावा मात्र है। यह गिरगिट की विशेषता है।”
मराठी भाषा का सम्मान है – अबू आजमी
उद्धव-राज ठाकरे संयुक्त रैली पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आसिम आजमी ने कहा, “दोनों के साथ आने से उनकी ताकत बढ़ेगी।”
Bhiwandi, Maharashtra: On the Marathi-Hindi row, Samajwadi Party state president and MLA Abu Asim Azmi says, “All of this is just an excuse. No one is insulting the Marathi language, Marathi is respected, just like every state’s mother tongue is respected and used for official… pic.twitter.com/GrWZaMcio1
— IANS (@ians_india) July 5, 2025
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मराठी-हिंदी विवाद पर अबू आजमी
मराठी-हिंदी विवाद पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आसिम आजमी ने कहा, “यह सब तो बस बहाना है। कोई भी मराठी भाषा का अपमान नहीं कर रहा है, मराठी का सम्मान किया जाता है, ठीक वैसे ही जैसे हर राज्य की मातृभाषा का सम्मान किया जाता है और सरकारी कामों में इसका इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन कुछ लोग इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं।”
अबू आजमी ने कहा, “अगर कोई अशिक्षित है, बाहर से आया है या काम के लिए अस्थायी रूप से महाराष्ट्र में है, जबकि उसका परिवार गांव में रहता है और मराठी नहीं जानता, तो क्या आप उसके लिए उसे पीटेंगे?”